पटना स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन, सभागार में हिंदी दिवस के मौके पर सह-कवि सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, सभ्यता और हमारी समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है। हमें हिंदी के गौरव को समझते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
'हिंदी सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा'
दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम होगा आयोजित
'बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर पीएम संवेदनशील'
बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन में व्यस्त रहने के बावजूद बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर संवेदनशील रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम बिहार आएगी और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति एवं क्षति का आकलन करेगी।
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'बिहार की नदियां राज्य के जीवन और अर्थव्यवस्था का आधार'
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने हरा पौधा, अंगवस्त्र एवं दो पुस्तकें- 'मैला आंचल' एवं 'दिनकर की डायरी' भेंट कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में राजभाषा पत्रिका का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया।