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आखिर भाजपा में एंट्री मारने में सफल रहे साबिर अली

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बिहार चुनावों से पूर्व भाजपा ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। यही कारण है कि बिहार के प्रमुख मुस्लिम नेता और कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दाहिने हाथ रहे साबिर अली को तमाम ना नुकुर के बाद भाजपा में शामिल कर लिया गया है।
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इसी के साथ पूर्व राज्यसभा सदस्य साबिर अली का लंबे समय से चला आ रहा वनवास भी खत्म हो गया। साबिर अली लंबे से राजनीतिक परिदृश्य से गायब चल रहे थे। माना जा रहा है कि साबिर अली के दम पर भाजपा बिहार चुनावों में मुस्लिम और पिछड़े वर्ग को रिझाने में कामयाब हो सकती है।

बता दें कि लोकसभा चुनावों से पूर्व भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहे नरेन्द्र मोदी की तारीफ करने के कारण जेडीयू ने उन्हें आनन फानन में पार्टी से बाहर कर दिया था।
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जेडीयू से बाहर होते ही साबिर अली ने दिल्ली आकर भाजपा का दामन थाम लिया था। लेकिन पार्टी के इस निर्णय की वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने खुलकर आलोचना की थी। उन्होंने साबिर अली को आतंकवादियों का दोस्त बताते हुए यह भी कह डाला था कि अब दाउद भी पार्टी में आ जाएगा।
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पूर्व में नकवी के विरोध के चलते नहीं आ पाए थे पार्टी में

हालांकि उनके विरोध के बाद पार्टी ने अगले दिन ही साबिर अली की सदस्यता रद कर दी थी। मुख्तार के बयान पर साबिर अली ने उनके खिलाफ मुकदमा भी किया था, जिसमें बाद में कोर्ट के बाहर ही समझौता हो गया था।

इस सारे घटनाक्रम के बीच अचानक गुरुवार को साबिर अली ने दोबारा भाजपा में एंट्री कर ली। पटना में पार्टी प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और अन्य नेताओं की मौजूदगी में साबिर अली ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा।

उन्होंने कहा कि बिहार चुनावों में भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शानदार सफलता हासिल कर सरकार बनाएगी। वहीं इस मुद्दे पर जब भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी से बात की गई तो वो सवालों से कन्नी काटते नजर आए। काफी प्रयास के बाद भी उन्होंने इस मुद्दे पर अपना मुंह नहीं खोला।
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