लखीसराय में ग्रामीण आवास कर्मियों ने सेवा स्थायीकरण और राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर पांच दिवसीय सांकेतिक हड़ताल समाप्त की, लेकिन चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। कर्मियों ने वेतनमान, भत्ते, सुरक्षा और पारदर्शिता जैसे कई मुद्दों पर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
लखीसराय में ग्रामीण आवास कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर में चल रहे पांच दिवसीय सांकेतिक धरने को समाप्त कर अब अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। यह आंदोलन सगासा संघर्ष समन्वय समिति, बिहार के आह्वान पर आयोजित किया गया था, जिसमें ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, प्रखंड लेखापाल और ग्रामीण आवास सहायक शामिल हुए।
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कर्मियों की प्रमुख मांगों में सेवा का स्थायीकरण, नियमित वेतनमान, चिकित्सा भत्ता, महंगाई भत्ता, सेवा पुस्तिका का संधारण, सेवानिवृत्ति लाभ, तथा राज्यकर्मी का दर्जा शामिल है। संघ के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार इन मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अन्य प्रमुख मांगें:
कार्यस्थल पर सुरक्षा की गारंटी
मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति
सेवा समाप्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायिक व्यवस्था
स्थानीय दबंगों, बिचौलियों और जनप्रतिनिधियों के अनुचित हस्तक्षेप पर रोक
प्रतियोगिता परीक्षाओं में उम्र सीमा में छूट और कार्य अनुभव को वेटेज देना
कर्मियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से वे संविदा पर कार्य कर रहे हैं लेकिन अब तक उन्हें स्थायी सेवा और समान वेतनमान का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है।