बिहार में विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने बुधवार को कहा कि महागठबंधन में सब ठीक नहीं चल रहा है। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली पार्टी ने इस बात के संकेत भी दिए कि वह विपक्षी गठबंधन से नाता तोड़कर सत्ताधारी एनडीए में शामिल हो सकती है।
रालोसपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव माधव आनंद ने कहा कि पार्टी सभी संभावनाओं पर विचार करना चाहती है। दरअसल, बिहार में इसी साल अक्तूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों में ही सीट बंटवारे को लेकर मंथन हो रहा है।
माधव आनंद ने कहा कि हमने कल (गुरुवार को) पार्टी की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में हमारी राष्ट्रीय और राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और हमें कुछ फैसले समय रहते करने होंगे।
रालोसपा नेता ने महागठबंधन में समन्वय की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने हाल ही में जीतनराम मांझी के जाने से भी कोई सबक नहीं लिया है। मांझी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने पिछले महीने विपक्षी गठबंधन से नाता तोड़ा था और एनडीए में शामिल हो गए थे।
आनंद ने कहा, 'महागठबंधन का नेतृत्व राजद कर रही है और कांग्रेस इसकी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। अभी तक, दोनों ही तेजस्वी यादव के नेतृत्व के मुद्दे पर किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसी स्थितियों में हमारे जैसे छोटे सहयोगी किस भविष्य की कल्पना करें।'
यह पूछे जाने पर कि पिछले साल लोकसभा चुनाव के बाद एनडीए का साथ छोड़ने वाली रालोसपा क्या फिर से भाजपा नीत गठबंधन में वापस लौट सकती है, आनंद ने कहा, 'राजनीति में सब संभव है।' सूत्र बताते हैं कि बीते दिनों में रालोसपा, भाजपा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं।