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राजद में बगावत, विधायक ने कहा लोग वंशवाद से ऊबे

Tue, 28 May 2019 04:28 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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माहेश्वर प्रसाद (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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लोकसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद पार्टी में तेजस्वी के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है। राजद विधायक महेश्वर यादव ने तेजस्वी की बैठक का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने एलान कर दिया है कि कल तेजस्वी द्वारा आयोजित बैठक में नही जाएंगे। गाय घाट से राजद विधायक महेश्वर यादव ने कहा है कि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे और किसी वरिष्ठ को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर बिठाया जाए। क्योंकि तेजस्वी यादव बिहार में फेल हो चुके हैं।

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पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने पार्टी को प्रावइवेट कंपनी बनाकर बर्वाद कर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा तेजस्वी हार की नैतिक जिम्मेदारी लें और पद से इस्तीफा दें। उन्होंने धमकी दी है कि अगर तेजस्वी इस्तीफा नहीं देते हैं तो राजद के कई विधायक मेरे सम्पर्क में हैं और वो मेरे कहने मात्र पर पार्टी छोड़ सकते हैं। इसके साथ ही महेश्वर ने भविष्य में जदयूयू के साथ भी जाने की बात कही है।

राजद विधायक महेश्वर प्रसाद यादव के बयान पर जहां जदयू व भाजपा ने तंज कसा है, वहीं महागठबंधन के सहयोगी हम और रालोसपा ने तेजस्वी का बचाव किया है। वैसे राजद इस मामले में चुप्पी साध ली है। रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हार किसी एक नेता के कारण नहीं हुआ है। हार क कई वजहें हैं। इधर हम नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि गठबंधन के नेता के रूप में तेजस्वी ने काफी मेहनत की है। तेज प्रताप को प्रभावहीन नेता बताते हुए मांझी ने कहा कि तेजस्वी ही लालू के उत्तराधिकारी है।
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इधर जदयू नेता दिलीप चौधरी ने कहा कि अभी आगे-आगे देखिये होता है क्या। महागठबंधन में शामिल सभी पार्टियों में भगदड़ मचेगी। विपक्षी खेमे के कई विधायक है हम लोगों के संपर्क में हैं और दो दर्जन से अधिक विधायक बहुत जल्द ही राजग में शामिल होंगे।

वहीं राजद विधायक के बयान पर भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने भी चुटकी ली और कहा कि राजद के नेता ने ठीक मांग की है। तेजस्वी यादव को इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मालूम हो कि बिहार में महागठबंधन की 40 सीटों में से 20 सीटों पर राजद के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था लेकिन किसी भी सीट से पार्टी का खाता नहीं खुल सका था।

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