महिला आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी कितना गंभीर है इस बात की चर्चा एक बार फिर से होने लगी है। यह चर्चा तब हो रही है, ज़ब भाजपा ने अपनी नई प्रदेश टीम की घोषणा की है। राजनीतिक महकमा में इस बात की चर्चा हो रही है कि भाजपा सिर्फ कहने के लिए नारी सशक्तिकरण की चर्चा करती है।
थम गया नारी शक्ति वंदन और नारी सशक्तिकरण का शोर
इस संबंध में राजनीतिक जानकार बताते हैं कि बंगाल चुनाव के समय नारी वंदन की खूब धूम थी। भाजपा महिला के सम्मान और नारी सशक्तिकरण की खूब चर्चा करती थी, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही नारी शक्ति वंदन और नारी सशक्तिकरण का शोर थम गया। अब महिला आरक्षण की चर्चा एक बार फिर से होने लगी है ज़ब भाजपा ने अपनी नई प्रदेश टीम की घोषणा की है। भाजपा ने प्रदेश टीम का गठन किया, जिसमें 38 सदस्यीय टीम में मात्र नौ महिलाओं को जगह दी गई।
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विपक्ष ने घेरा
इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि भाजपा में प्रतियोगिता नाम की कोई चीज नहीं है। वहां आका को जो पसंद आता है, सूची में उसी का नाम डाला जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला को 33% आरक्षण देने की बात सिर्फ कहती है। अगर वाकई में 33% आरक्षण है तो फिर कहां गया नारी शक्ति वंदन?
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भाजपा में नहीं मिला जवाब
38 सदस्यीय टीम में मात्र नौ महिलाओं को पद देने के सवाल पर कोई भी भाजपा नेता इस मुद्दे पर बोलने के लिए तैयार नहीं हुए। भाजपा के कई प्रवक्ताओं से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन हर किसी ने इस मुद्दे पर खामोश रहना ही बेहतर समझा। हां, इतना जरुर कहा कि हमारी सरकार महिलाओं का सम्मान करती है। भाजपा में महिलाओं की एक बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि सदन में भी हम विपक्ष की तुलना में बेतर संख्या में हैं।
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38 में मात्र 9 महिलाएं
भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपनी नई प्रदेश टीम और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की सूची जारी की, जिसमें कुल 38 सदस्य हैं। उसमें मात्र 9 महिलाएं हैं। पार्टी में 14 उपाध्यक्ष, पांच महामंत्री ,14 मंत्री, एक कोषाध्यक्ष, दो सह कोषाध्यक्ष, एक मुख्यालय प्रभारी एवं एक कार्यालय मंत्री मनोनीत किए गए हैं। राजनीतिक महकमा में इस बात की चर्चा है कि इस सूची के अनुसार महिलाएं 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व से वंचित रह गईं। 38 सदस्यीय प्रदेश टीम में नौ को जगह मिली है। भाजपा ने इसी मुद्दे पर विपक्ष को एक मुद्दा दे दिया है।
सबका साथ सबका विकास ही हमारी पहचान
भाजपा का कहना है कि हमारी पार्टी सबका साथ सबका विकास के तर्ज पर चलती है। यही वजह है कि पार्टी ने सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग से 17 सदस्यों को टीम में जगह दी है। कमिटी में चार लोगों को दलित समाज से रखा गया हैं, जिनमें पासी, रविदास, पासवान और धोबी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए कमिटी में 9 महिलाओं को शामिल किया गया है।