बिहार में भाजपा का दामन छोड़ कर नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव के पाले में आ गए हैं। आरजेडी और जदयू की नई सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार आज होगा। महागठबंधन की नई सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार पर सहमति बन गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार सुबह 11.30 बजे राजभवन परिसर में एक सादे समारोह के दौरान नई सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा। वहीं, कहा जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल में एक बार फिर तेज प्रताप यादव को मंत्री बनाया जा सकता है।
आमंत्रित लोगों में राजद (राष्ट्रीय जनता दल) सुप्रीमो लालू प्रसाद भी शामिल हो सकते हैं जिनके सोमवार रात यहां पहुंचने की उम्मीद थी, हालांकि पार्टी सूत्रों का दावा है कि वह मंगलवार की सुबह की विमान से यहां पहुंचेंगे। बिहार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स की मानें तो मंगलवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में 31 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें से राजद से सबसे ज्यादा 16 और जदयू से 11 विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस से दो, हम पार्टी से एक और एक निर्दलीय विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट में सीपीआई-एमएल, सीपीआई और सीपीएम को जगह नहीं मिल पाई है। दरअसल, महागठबंधन में जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई-एमएल, हम, सीपीआई और सीपीएम कुल सात पार्टियां हैं।
कांग्रेस को दो विधायक हो सकते हैं मंत्रिमंडल में शामिल
इससे पहले हाल ही में तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार ने दिल्ली में कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सोनिया से चर्चा भी की थी। कांग्रेस के राज्य प्रभारी भक्त चरण दास ने बताया कि उनकी पार्टी को तीन मंत्री पद मिलने की संभावना है जिनमें से दो को मंगलवार को शपथ दिलायी जाएगी।पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को शपथ ग्रहण के लिए पार्टी ने अफाक आलम (मुस्लिम) और मुरारी गौतम (दलित) का चयन किया है। इससे पहले राजेश राम के अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और सबसे मुखर विधायकों में से एक शकील अहमद खान का नाम चर्चा में था।
राजद से तेज प्रताप यादव के अलावा जिन अन्य लोगों के नाम चर्चा में हैं उनमें राष्ट्रीय महासचिव आलोक मेहता और युवा विधायक सुधाकर सिंह शामिल हैं जिनके पिता जगदानंद सिंह वर्तमान में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और तेजस्वी यादव के करीबी हैं। वहीं, जदयू के विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, बिजेंद्र यादव, श्रवण कुमार और लेसी सिंह सहित पिछली राजग सरकार में अपने अधिकांश मंत्रियों को बनाए रखे जाने की संभावना है। जदयू कुछ ऐसे लोगों को छोड़ सकता है जिन्हें भाजपा और जदयू के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह का करीबी माना जाता है और जिन पर पूर्व गठबंधन सहयोगी के इशारे पर पार्टी को विभाजित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संतोष सुमन के भी मंत्री के रूप में वापसी की संभावना है। उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा स्थापित पार्टी के चार विधायक हैं और उन्होंने नीतीश कुमार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए राजग छोड़ दिया था। अकेले निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह जिनके दिवंगत पिता नरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी रहे थे, पिछली सरकार में मंत्री बनाए गए थे, उनके भी मंगलवार को शपथ लेने की संभावना है।
बता दें कि हाल ही में जदयू ने भाजपा नीत राजग से नाता तोड़ लिया था और महागठबंधन की सरकार बनाने के लिए राजद, कांग्रेस और कुछ अन्य दलों से हाथ मिला लिया था। इसके बाद नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने बुधवार को शपथ ली थी।
बिहार बीजेपी कोर कमेटी की मंगलवार को दिल्ली में बैठक
बिहार में बदली राजनीतिक परिस्थितियों के बीच, बिहार भाजपा कोर कमेटी की बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होगी। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के शामिल रहने की संभावना है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल से उत्पन्न कई मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रस्तावित बैठक बुलाई गई है।
विजय कुमार सिन्हा ने दिया भावुक कर देने वाला बयान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले 'महागठबंधन' के सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रहे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विधानसभा परिसर में एक समारोह में भावुक कर देने वाला भाषण दिया। सात पन्नों के अपने भाषण में सिन्हा ने अपने अब तक के कार्यकाल के कई पलों का जिक्र किया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष सिन्हा ने कहा कि इस पद पर रहते हुए उन्होंने हमेशा विधायी प्रक्रिया को और अधिक जीवंत बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी की भावनाओं से ऊपर उठकर निष्पक्ष रहने की पूरी कोशिश की और इससे विपक्ष के प्रति बहुत उदार होने के आरोप भी लगे।