कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें याद किया। उन्होंने जमींदारी प्रथा समाप्त करने, वंचितों के उत्थान और बिहार में लोकतंत्र की नींव मजबूत करने में श्री बाबू के योगदान को सराहा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने श्रीकृष्ण सिंह को बिहार में लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाला अग्रणी नेता बताया। खड़गे ने कहा कि श्री बाबू ने जमींदारी प्रथा समाप्त कर और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम करके सामाजिक न्याय के नए अध्याय की शुरुआत की। खरगे के संबोधन के दौरन हंगामा हो गया। कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब दिया कि मोदी का बाप भी जाएगा।
#WATCH | A ruckus broke out during Congress national president Mallikarjun Kharge's address at the 139th birth anniversary celebration of Dr. Shri Krishna Singh in Patna, Bihar A person present at the event said that PM Modi would not go anywhere, Kharge responded, "Modi ka baap bhi jayega."
— ANI (@ANI) October 25, 2026
खरगे ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि के रूप में पहचाना जाता है। इस पवित्र धरती पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए उन्होंने आयोजन समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पूरा देश श्री बाबू को याद करता है।
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बिहार में कांग्रेस सरकारों के इतिहास का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा कि 1937 में श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में पहली कांग्रेस सरकार बनी थी। इसके बाद 1947 में दूसरी सरकार स्थापित हुई। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन के दौरान मुख्यमंत्री को ‘प्रीमियर’ कहा जाता था। भारतीय संविधान के तहत 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव के बाद श्री बाबू 3 जनवरी 1961 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे।
खरगे ने कहा कि भाजपा और आरएसएस बिहार के दिग्गज नेताओं, जैसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद, की विरासत को खत्म करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि नीतीश कुमार जैसे समाजवादी नेता भी उन लोगों के साथ चले गए, जो आरएसएस की विचारधारा में विश्वास करते हैं। खरगे ने कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें शामिल लोगों का पता लगाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके खिलाफ हुए ‘शुद्धिकरण’ मामले की जांच कराने का वादा किया था, लेकिन जब राहुल गांधी हल्द्वानी गए तो उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।