बिहार के सीवान कोर्ट में शुक्रवार को अजीबो-गरीब मामला सामने आया, जब तीन नाबालिग भाई रेप के आरोप में सरेंडर करने कोर्ट पहुंचे। जज ने जब तीनों नाबालिग बच्चों को देखा तो भड़क गए और जमानत दे दी। तीनों मासूमों की उम्र छह से आठ साल की थी। साथ ही, इतनी कम उम्र के बच्चों पर लगे आरोप पर हैरत जताते हुए कोर्ट ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाया। कोर्ट ने इस मामले में महिला थाने से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
दरअसल, गोरियाकोठी थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद निवासी 3 बच्चों पर अपने ही चचेरी बहन के साथ रेप करने का केस बच्चों की चाचा ने महिला थाना में एक सप्ताह पहले दर्ज कराया था। तीनों बच्चों पर पास्को एक्ट लगा है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी बच्चों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू की। मामला दर्ज होने के बाद बच्चे छिप गए थे। पुलिस ने इस दौरान कुर्की-जब्ती की तैयारी कर ली थी। इससे डरकर घरवालों ने बच्चों को सरेंडर कराया।
कोर्ट ने मासूमों को देखकर और तथ्यों के आधार पर तीनों को जमानत दे दी। तीनों बच्चे अपने परिजनों के साथ घर चले गए। सूत्रों की मानें तो कोर्ट ने इस तरीके की पुलिसिया कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए महिला थाना को नोटिस जारी किया है।