बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सारण शिक्षक निर्वाचन सीट को लेकर चल रहा विवाद नए मोड़ पर पहुंच गया है। जदयू प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय मैदान में उतरे रामपुकार सिन्हा ने नामांकन वापस लेने की घोषणा की है। उनके साथ आए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों ने भी एनडीए प्रत्याशियों को समर्थन देने की बात कही।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए के भीतर चल रहा विवाद सुलझता नजर आ रहा है। सारण शिक्षक निर्वाचन सीट पर जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी के विरोध में निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा आरएलएम के नेता रामपुकार सिन्हा ने अपना नामांकन वापस लेने की घोषणा की है।
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पटना में विधायकों के साथ सामने आए रामपुकार सिन्हा
पटना में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों के साथ पत्रकारों के सामने आए रामपुकार सिन्हा ने अपना पक्ष रखा। इस दौरान विधायकों ने स्पष्ट किया कि सारण सीट के अलावा विधान परिषद की बाकी सात सीटों पर भी उनका समर्थन एनडीए और जदयू के प्रत्याशियों को ही रहेगा। इस घोषणा को गठबंधन के भीतर जारी मतभेदों को दूर करने की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
जदयू प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय उतरे थे सिन्हा
दरअसल, सारण शिक्षक निर्वाचन सीट पर जदयू प्रत्याशी के विरोध में रामपुकार सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उनके इस कदम से एनडीए के भीतर राजनीतिक असहजता पैदा हो गई थी। अब नामांकन वापस लेने की घोषणा के बाद इस सीट पर गठबंधन के भीतर विरोध की स्थिति बदलती दिखाई दे रही है।
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पार्टी से निष्कासन के बाद आया नया घटनाक्रम
गौरतलब है कि बगावत के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने कुछ दिन पहले रामपुकार सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब उनके नामांकन वापस लेने की घोषणा और विधायकों के साथ सामने आने के बाद बिहार की सियासत में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, नामांकन वापसी की औपचारिक स्थिति की पुष्टि संबंधित निर्वाचन प्रक्रिया से ही होगी।