दस साल बाद घर लौटा राम मरांडी (नीली टी-शर्ट में)
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बिहार के रानीगंंज इलाके में अपने परिवार से दस साल पहले बिछड़ा राम मरांडी अब राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल खिलाड़ी बन गया है। बिहार के रानीगंज प्रखंड के अंतर्गत आने वाले पोखरिया गांव के संथाल समुदाय के राम मरांडी दस साल बाद अपने परिवार से मिल गया है।
राम अपने परिवार से सात साल की आयु में बिछड़ गया था, पूरे दस साल बाद अपने परिवार से मिलकर राम की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। गांव के लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें पता चला कि राम मरांडी नेशलन लेवल का फुटबॉल खिलाड़ी बन गया है।
राम को सेना में भी नौकरी मिल गई थी लेकिन घर का पता ना होने के कारण छठा गया। जब राम सात साल का था और घर से गायब हो गया था, तब वो एक घरेलू नौकर के तौर पर काम करता था। बुधवार को राम मरांडी के परिवार वाले रांची से राम को लेकर जैसे ही गांव में पहुंचे तो उसे देखने के लिए पूरे गांव की भीड़ जुट गई।
परिजनों को खोजने में रानीगंज पुलिस के अलावा सबसे मुख्य भूमिका पंचायत समिति सदस्य अभिनंदन चौरसिया ने निभाई है। अभिनंदन के इस काम की हर तरफ तारीख हो रही है। राम के पिता दुखिल मरांडी दस हजार रुपये के मवेशी बेचकर अपने बेटे को लेने रांची पहुंचा था।
दुखिल ने बताया कि दस साल पहले वो पंजाब में मजदूरी करते थे, उसी समय गांव के एक चिकित्सक ने अपनी बेटी के यहां काम कराने के लिए राम को दिल्ली भेज दिया, जहां से चार साल बाद वो भाग निकला। काफी खोजबीन के बाद भी वो नहीं मिला।