रेलवे ने बिहार के खगड़िया के धमारा घाट में हुए रेल हादसे के लिए बिहार सरकार को दोषी करार दिया है। रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि इस हादसे में 28 लोग ही मारे गए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे में 37 लोगों के मारे जाने की बात कही थी। चौधरी के अनुसार इसमें नौ लोग घायल भी हुए हैं, शायद नीतीश ने घायलों की संख्या जोड़कर मृतकों का आंकड़ा बताया होगा।
सोमवार को धमारा रेलवे स्टेशन पर 80 किमी की रफ्तार से आ रही राज्यरानी एक्सप्रेस ने श्रृद्धालुओं को रौंद डाला था।
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रेल राज्य मंत्री ने दुर्घटनास्थल का जायजा लेने और खगड़िया स्थित अस्पताल में भर्ती इस हादसे के घायलों का हालचाल लेने के बाद पटना हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
उन्होंने हादसे के लिए बिहार सरकार को दोषी करार देते हुए कहा कि कात्यायनी मंदिर में इतनी बड़ी संख्या में श्रृद्धालु आते हैं स्थानीय प्रशासन ने इस संबंध में रेलवे को अलर्ट नहीं किया, नहीं तो कुछ कदम उठाए जाते।
चौधरी ने कहा कि आवश्यक कदम उठाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने रेलवे के साथ सही तालमेल नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि धमारा घाट रेलवे स्टेशन के समीप स्थित कात्यायनी मंदिर जाने के लिए अगर सड़क होती तो लोगों को रेल पटरी पर चलकर वहां जाने की नौबत नहीं आती और यह हादसा नहीं होता।
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रेल राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत राज्य को काफी फंड मिलता है, इससे दूरदराज इलाकों में सड़कें बनाई जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह हादसा राज्य सरकार की लापरवाही के कारण होने के आरोप को खारिज करते हुए इसमें मरने वालों की संख्या 37 बताई थी।
बिहार सरकार ने इस हादसे में मरने वालों के आश्रितों को मुआवजे के तौर पर दो-दो लाख रुपये और रेल मंत्रालय ने पांच-पांच लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की है।
इस बीच पूर्व-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक मधुरेश कुमार ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों को बताया कि सहरसा-मानसी रेलखंड पर यह हादसा हुआ था, जहां गत रात से ट्रेनों का परिचालन फिर शुरू हो गया है।