पूर्णिया जीएमसीएच में रोती मृतक की पत्नी
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पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र स्थित परोरा एथेनॉल प्लांट में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। काम के दौरान चावल की भारी-भरकम बोरियों के नीचे दबने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर मजदूरों में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
सरसी का रहने वाला था मृतक
मृतक की पहचान सरसी थाना क्षेत्र के चंपावती हरिटोल निवासी खोखो मुनि के पुत्र बुद्धों मुनि (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पिछले सात वर्षों से एथेनॉल प्लांट में मजदूर के रूप में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, प्लांट में दो शिफ्टों में काम होता है और बुद्धों मुनि सुबह की शिफ्ट में गोदाम के अंदर गद्दी से चावल उतारने का काम कर रहे थे।
कैसे हुआ हादसा?
काम के दौरान अचानक चावल की कई बोरियां उनके ऊपर गिर गईं, जिससे वह भारी वजन के नीचे पूरी तरह दब गए और उनका दम घुटने लगा। मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत कड़ी मशक्कत कर उन्हें बाहर निकाला और गंभीर हालत में इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच पहुंचाया।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
जीएमसीएच में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जैसे ही मौत की खबर घर पहुंची, परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी शिरोमणि कुमारी अपने पति का शव देखकर बार-बार बेहोश हो रही हैं।
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सुरक्षा मानकों पर सवाल, पुलिस जांच जारी
इस घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सहकर्मी मजदूरों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ हेलमेट दिया जाता है, जबकि जरूरी सुरक्षा जूते और अन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। मजदूरों ने उचित मुआवजे की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही केनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।