बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने पति की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद महिला मौके से फरार हो गई, लेकिन 10 वर्षीय बेटे की बहादुरी और गवाही से हत्या का राज खुल गया। पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
यह वारदात धमदाहा थाना क्षेत्र के दमगड़ा रमोवतार चौक की है। मृतक की पहचान 42 वर्षीय बालो दास के रूप में हुई है, जो दमगड़ा पंचायत वार्ड संख्या 11 के रहने वाले आनंदी दास के पुत्र थे। परिवार के मुताबिक, शनिवार रात बालो दास मजदूरी करके घर लौटे थे और पत्नी उषा देवी से भोजन मांगा। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद बालो दास खाना खाए बिना आंगन में सो गए। उनका बेटा शैलेन्द्र दास भी पास ही सोया हुआ था।
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रात करीब 10:30 बजे उषा देवी ने दबिया (धारदार हथियार) लेकर अपने पति पर हमला कर दिया और सोते समय गला काटकर उनकी हत्या कर दी। बेटे शैलेन्द्र की नींद उस समय खुली जब दबिया चलने से निकला खून उसके शरीर पर आ गिरा। उसने देखा कि उसकी मां ही उसके पिता की गर्दन काट रही है। डर के मारे वह चिल्लाता हुआ भागा, लेकिन मां ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी और उस पर दबिया फेंका। गनीमत रही कि बच्चा किसी तरह बचकर बाहर निकल गया।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण और मृतक के भाई मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि बालो दास का शव खून से लथपथ आंगन में पड़ा है। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही धमदाहा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी सौरभ कुमार ने बताया कि आरोपी उषा देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक पत्नी इतनी क्रूरता से अपने ही पति की हत्या कर सकती है। गांव वालों ने आरोपी महिला को कठोर सजा देने की मांग की है।