दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले के विरोध के समर्थन में शनिवार को पूर्णिया की सड़कों पर निकले छात्र आंदोलन के दौरान हुए भीषण बवाल, पथराव और उपद्रव के मामले में पुलिस ने बड़ा कानूनी शिकंजा कस दिया है। मामले में दंडाधिकारी एवं डीएएचओ चंद्रशेखर आजाद के लिखित बयान पर केहाट थाने में प्राथमिकी (कांड संख्या 332/2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले नेताओं और उपद्रवियों सहित 28 नामजद तथा 200 से 250 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, मौके से गिरफ्तार किए गए चार मुख्य आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
28 लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
केहाट थाने में दर्ज प्राथमिकी में प्रदर्शन का नेतृत्व करने और भीड़ को उकसाने के आरोप में 28 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें मुख्य रूप से आजाद समाज पार्टी के अजय भारती, भीम आर्मी के विक्रम पासवान, कांग्रेस नेता कुमार आदित्य, सौर्य राय, साजिद, नसीम, अली खान, डॉ. अल्ताफ, डॉ. सब्बीर, मो. अली, मो. आरजू हक, मोशरफ आलम उर्फ प्रिंस, यजदानी राज, फैजल राज, अजमेर करीम, सद्दाम हुसैन, मो. सहवाज आलम, शेख सद्दाम, मो. इरशाद पुरनवी, मो. अजमेर, मो. निक्की, मो. चाहत, मो. अकरम रजा, अल्ताफ हुसैन और मो. अली अहमद खां समेत अन्य शामिल हैं।
चार उपद्रवी मौके से गिरफ्तार, भेजे गए जेल
आर.एन. साह चौक के पास उपद्रव मचाने और भागने के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान माधोपाड़ा इस्लामनगर निवासी नदीम सरवर (21), राजाबाड़ी निवासी शेख मुबारक अली (22), मरंगा थाना क्षेत्र के बकरीकोल निवासी यासीर अरफात तथा मरंगा माफा पेट्रोल पंप निवासी शिवम कुमार गोस्वामी के रूप में हुई है।
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चौकीदारों पर जानलेवा हमला, एंबुलेंस भी फंसी
एफआईआर के अनुसार, 25 जुलाई को अपराह्न करीब 2:30 बजे जुलूस आर.एन. साह चौक पहुंचा और उग्र होकर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगा। पुलिस और दंडाधिकारी द्वारा रोकने के बावजूद भीड़ ने सरकारी होर्डिंग्स तोड़े, वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। इस दौरान कई एंबुलेंस जाम में फंस गईं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान बायसी थाने के कैदियों को अदालत ले जा रहे तीन चौकीदार—चमरू हरिजन, दिनेश राम और रामा कुमार हरिजन—पर जेल गेट और आर.एन. साह चौक के बीच उग्र भीड़ ने ईंट-पत्थर और लाठियों से हमला कर दिया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज पूर्णिया जीएमसीएच में चल रहा है, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
वीडियो फुटेज और ड्रोन से हो रही पहचान
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शन की शुरुआत में स्टेडियम पहुंचे डीएम अंशुल कुमार और एसएसपी शौर्य सुमन ने ज्ञापन लेकर आंदोलन को शांतिपूर्वक समाप्त करा दिया था। हालांकि, इसके बाद बाहर से आए कथित असामाजिक तत्वों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और उपद्रव शुरू हो गया।
फिलहाल केहाट थाना पुलिस वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और ड्रोन सर्विलांस के आधार पर अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।