बिहार के पूर्णिया जिले में 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर भगाने और कथित तौर पर शादी करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर पीड़िता की मां ने के.नगर थाना में लिखित आवेदन देकर गांव के ही 23 वर्षीय युवक राजकिशोर सिंह और उसके सहयोगी रोहित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना के.नगर थाना क्षेत्र की परोरा पंचायत की बताई जा रही है।
रात में घर से गायब हुई नाबालिग छात्रा
दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता की मां ने बताया कि 24 मई की रात करीब 10 बजे उनकी 13 वर्षीय बेटी अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की, जिसके बाद पता चला कि गांव के ही वार्ड संख्या-15 निवासी राजकिशोर सिंह लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। आरोप है कि इस काम में गांव के ही रोहित कुमार ने भी आरोपी की मदद की और लड़की को छिपाने में सहयोग किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में आरोपी युवक नाबालिग लड़की की मांग में सिंदूर भरता दिखाई दे रहा है। परिजनों का आरोप है कि यह वीडियो खुद आरोपी युवक ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया है।
परिजनों ने जबरन शादी और अपहरण का लगाया आरोप
पीड़िता के परिवार ने इस मामले को प्रेम प्रसंग मानने से साफ इनकार किया है। परिवार का कहना है कि यह नाबालिग लड़की का अपहरण और जबरन शादी का मामला है। मां ने आरोप लगाया कि आरोपी ने परिवार की सामाजिक छवि खराब करने के इरादे से वीडियो वायरल किया है।
विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप
परिजनों के मुताबिक, जब वे आरोपी के घर बेटी की जानकारी लेने पहुंचे तो लड़के के पिता भीम सिंह, मां चनियां देवी और भाई करण कुमार सिंह समेत अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
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POCSO एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए के.नगर थाना पुलिस ने 25 मई को अपहरण, मारपीट, धमकी और POCSO एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी ने बताया कि मामला काफी संवेदनशील है। पुलिस साइबर सेल की मदद से वायरल वीडियो, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहली प्राथमिकता नाबालिग छात्रा को सुरक्षित बरामद करना है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।