प्रेसवार्ता करते परिजन व बरामद सामान
पुलिस ने सहायक खजांची थाना क्षेत्र के रजनी चौक स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू कराया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 12 नेपाली नोट, कई बैंक पासबुक और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के दामोपुर निवासी कृष्ण कुमार वर्मा, मोहम्मदपुर निवासी अंशु कुमार और बुद्धा कॉलोनी निवासी सरिता वर्मा के रूप में हुई है। तीनों पिछले दो महीनों से रजनी चौक में किराए का मकान लेकर रह रहे थे।
नौकरी और शादी का झांसा देकर पूर्णिया लाईं नाबालिग
स्पेशल क्राइम ब्रांच की एसडीपीओ शिवानी श्रेष्ठ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने टीम गठित की थी। टीम में एसडीपीओ शिवानी श्रेष्ठ और महिला थानाध्यक्ष राजनंदनी शामिल थीं। ट्रिनिटी सोसाइटी से मिली सूचना के आधार पर रजनी चौक स्थित मकान में छापेमारी की गई। जांच में पता चला कि गिरोह ने एक नाबालिग को कपड़े की दुकान में नौकरी और दूसरी को अच्छे घर में शादी व काम दिलाने का झांसा देकर बहला-फुसलाकर करीब सात दिन पहले पूर्णिया लाया था।
बंधक बनाकर कराया जा रहा था अनैतिक देह व्यापार
पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिगों को मकान में बंधक बनाकर जबरन अनैतिक देह व्यापार कराया जा रहा था। साथ ही, उन्हें बेचने की तैयारी भी चल रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
पहले भी जेल जा चुके हैं तीनों आरोपी
एसडीपीओ शिवानी श्रेष्ठ ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी जेल जा चुके हैं। प्राथमिक जांच में मकान मालिक की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले दो महीनों से मकान पर संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता था।
अवैध संपत्ति की जांच, जब्ती की प्रक्रिया शुरू
पुलिस अब गिरोह द्वारा मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगा रही है। ऐसी संपत्ति की कुर्की और जब्ती की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।