पूर्णिया जिले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच उपजा तनाव उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया, जब बंधक बनाए गए दो युवकों को छुड़ाने गई पुलिस टीम पर ही एक पक्ष ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में थानाध्यक्ष, एक पुलिस अवर निरीक्षक और दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल में कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
जमीन विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद जमीन के स्वामित्व और बटाईदारी को लेकर है। आदिवासी समुदाय के लोग पिछले 40 से 50 वर्षों से भोला प्रसाद सिंह की जमीन पर खेती करते आ रहे थे। इस जमीन की रसीद और लगान का भुगतान भी भोला प्रसाद सिंह द्वारा ही किया जाता था। विवाद तब शुरू हुआ, जब दूसरे पक्ष के बाबूलाल सोरेन और उनके भाइयों ने वर्ष 2017 में भोला प्रसाद सिंह की करीब साढ़े छह बीघा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार विवाद चल रहा था और दूसरा पक्ष पहले पक्ष को जमीन जोतने से रोक रहा था।
दो युवकों को बनाया गया बंधक
इसी जमीन विवाद को लेकर गुरुवार को तनाव चरम पर पहुंच गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले पक्ष के दो युवकों को जबरन बंधक बना लिया। इस घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया।
बंधकों को छुड़ाने पहुंची पुलिस पर हमला
शुक्रवार सुबह पुलिस प्रशासन को दो युवकों को बंधक बनाए जाने की गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत दोनों युवकों को छुड़ाने के लिए मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस को देखते ही दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से अचानक हमला कर दिया।
थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मी घायल
अचानक हुए इस हमले में पुलिस टीम को संभलने का मौका नहीं मिला। हमले में थानाध्यक्ष, एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और दो आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। सभी घायल पुलिसकर्मियों को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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गांव बना पुलिस छावनी, छापेमारी जारी
फिलहाल पुलिस बंधक बनाए गए दोनों युवकों को सुरक्षित छुड़ाने और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। एहतियात के तौर पर पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।