पूर्णिया में अवैध कारोबार और संगठित अपराध के जरिए अकूत संपत्ति बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने बताया कि जिले में विभिन्न अवैध धंधों से जुड़े कुल 21 चिह्नित लोगों को न्यायालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इन मामलों में विभिन्न थानों के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा अलग-अलग अदालतों में संपत्ति जब्ती को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
नारकोटिक्स और शराब कारोबार से जुड़े आरोपी निशाने पर
चिह्नित किए गए इन 21 लोगों में नारकोटिक्स (मादक पदार्थों की तस्करी) और अवैध शराब के धंधे से जुड़े आरोपियों की संख्या सबसे अधिक है। एसपी ने बताया कि न्यायालय के माध्यम से इन लोगों से यह जानकारी मांगी जाएगी कि उनके द्वारा अर्जित संपत्ति का वास्तविक स्रोत क्या है।
आय और आईटीआर दस्तावेजों की होगी जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के आय के साधनों और इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। यदि संबंधित आरोपी अदालत को अपनी संपत्ति का वैध ब्यौरा देने में असमर्थ रहते हैं, तो उनके खिलाफ आगे जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
नए आपराधिक कानूनों के तहत हो रही कार्रवाई
यह पूरी प्रक्रिया 1 जुलाई 2024 से देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के तहत की जा रही है। इन कानूनों में पुलिस को अपराध की कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने के विशेष अधिकार दिए गए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के लिए न्यायालय की अनुमति अनिवार्य होती है।
डीजीपी के निर्देश पर चल रहा अभियान
डीजीपी के निर्देश पर पूरे बिहार में अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों से मिले प्रस्तावों के आधार पर एक व्यापक सूची तैयार की गई है।
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बिहार में 1434 अपराधियों की संपत्ति जब्ती की तैयारीोो
हाल के दिनों में बिहार पुलिस ने राज्यभर के कुल 1434 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें शराब माफिया, बालू माफिया और जमीन माफिया मुख्य रूप से शामिल हैं। पूर्णिया जिले में 21 लोगों पर शुरू हुई इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।