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पूर्णिया टेटगामा नरसंहार: एक और आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेस नेता; राहुल गांधी ने जताया दुख

Mon, 14 Jul 2025 07:26 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Purnea Massacre: कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने टेटगामा कांड को केवल हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और दबंगई की चरम परिणति बताया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और अशिक्षा की वजह से यह त्रासदी घटी। वहीं, राहुल गांधी ने पीड़ित परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
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पूर्णिया टेटगामा नरसंहार के पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में हाल ही में घटित पांच लोगों की नृशंस हत्या के मामले में एक और आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। इस हृदयविदारक नरसंहार में अब तक कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस अमानवीय घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिजनों से फोन पर बातचीत की है और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

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डायन-बिसाही के शक में पांच लोगों को जिंदा जलाया गया
यह भयावह घटना पूर्णिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के टेटगामा गांव में छह-सात जुलाई की रात सामने आई थी। जब एक ही आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों को डायन-बिसाही के आरोप में पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। मारे गए लोगों में बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी, मां कातो देवी, बेटा मंजीत उरांव और बहू रानी देवी शामिल हैं। शवों को जला देने के बाद आरोपियों ने उन्हें बोरे में भरकर ट्रैक्टर से खेत के एक गड्ढे में फेंक दिया था।
 
मुख्य आरोपी नकुल उरांव समेत चार गिरफ्तार
घटना के बाद से टेटगामा गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नकुल उरांव, जो कि गांव में तांत्रिक गतिविधियों में लिप्त था, और उसके सहयोगी छोटू उरांव, मोहम्मद सनाउल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 23 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वीटी सहरावत ने कार्रवाई कर मुफस्सिल थानाध्यक्ष उत्तम कुमार को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर जेल भेज दिया है।
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राहुल गांधी ने जताया दुख, फोन पर की परिजनों से बात
घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रविवार को पीड़ित परिजनों से फोन पर बात की और उन्हें ढांढ़स बंधाया। उन्होंने करीब पांच मिनट तक बातचीत कर परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। यह बातचीत अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के प्रयासों से संभव हुई, जो स्वयं टेटगामा गांव पहुंचे थे।
 

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पूर्णिया टेटगामा नरसंहार के पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया - फोटो : अमर उजाला
‘यह घटना मानवता पर कलंक है’
डॉ. विक्रांत भूरिया ने गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इसे केवल हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और दबंगई की चरम परिणति बताया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और अशिक्षा की वजह से यह त्रासदी घटी और इसके लिए समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को मिलकर काम करना होगा।
 
सरकार से की त्वरित मुआवजा और सुरक्षा की मांग
विक्रांत भूरिया ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मिलकर तेज जांच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पीड़ित परिवार को त्वरित आर्थिक सहायता, मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार को अंधविश्वास और तांत्रिकता के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।

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गांव में पसरा है सन्नाटा, डर और असुरक्षा का माहौल
घटना के बाद टेटगामा गांव में भय और शोक का माहौल है। आदिवासी और दलित समुदाय के लोग लगातार दबंगों के डर में जी रहे हैं। गांव में न तो शुद्ध पेयजल है, न ही पर्याप्त रोजगार या शिक्षा की व्यवस्था। अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियां इन समुदायों को लगातार पीछे धकेल रही हैं। टेटगामा की यह वीभत्स घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में तर्क और विज्ञान की जगह अंधविश्वास और हिंसा का बोलबाला है।
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