पूर्णिया टेटगामा नरसंहार के पीड़ित परिवार से मिले कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया
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‘यह घटना मानवता पर कलंक है’
डॉ. विक्रांत भूरिया ने गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इसे केवल हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और दबंगई की चरम परिणति बताया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और अशिक्षा की वजह से यह त्रासदी घटी और इसके लिए समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को मिलकर काम करना होगा।
सरकार से की त्वरित मुआवजा और सुरक्षा की मांग
विक्रांत भूरिया ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मिलकर तेज जांच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पीड़ित परिवार को त्वरित आर्थिक सहायता, मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार को अंधविश्वास और तांत्रिकता के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
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गांव में पसरा है सन्नाटा, डर और असुरक्षा का माहौल
घटना के बाद टेटगामा गांव में भय और शोक का माहौल है। आदिवासी और दलित समुदाय के लोग लगातार दबंगों के डर में जी रहे हैं। गांव में न तो शुद्ध पेयजल है, न ही पर्याप्त रोजगार या शिक्षा की व्यवस्था। अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियां इन समुदायों को लगातार पीछे धकेल रही हैं। टेटगामा की यह वीभत्स घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में तर्क और विज्ञान की जगह अंधविश्वास और हिंसा का बोलबाला है।