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Bihar: महिला के अल्ट्रासाउंड के कारण तलाक तक पहुंच गया मामला; तीसरी जांच की रिपोर्ट ने ऐसे बचाई आबरू

Tue, 21 May 2024 07:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Purnea News: पूर्णिया में फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की वजह से एक महिला का रिश्ता खत्म होते-होते बचा। बात तलाक तक पहुंच गई थी। दरअसल, पति चार माह से बाहर था, लेकिन अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट्स में पत्नी गर्भवती पाई गई। जानें पूरा मामला...।
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पीड़ित महिला बीबी मुस्तकीना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के पूर्णिया में एक महिला का तलाक होते-होते बच गया। दरअसल, महिला का पति चार महीने से दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। उसे जैसे ही पता चला कि उसकी पत्नी आठ सप्ताह की गर्भवती है, उसके पैर के नीचे से जमीन खिसक गई, क्योंकि वह खुद चार महीने से घर से बाहर है। बीबी के गर्भवती होने की खबर सुनकर पति ने फोन उससे खूब झगड़ा किया और उसे बदचलन करार दे दिया।

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वहीं, पत्नी अपने पति से बार-बार गुहार लगाती रही कि उसने कोई गलत कदम नहीं उठाया है। उसके बाद पति ने अपने घर फोन कर फिर से अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। उसके बाद ससुराल वालों ने दूसरी जगह महिला का अल्ट्रासाउंड कराया तो ससुराल वालों के पैर के नीचे से भी जमीन खिसक गई। इस बार महिला 10 सप्ताह की गर्भवती निकली। इसके बाद ससुराल वालों ने भी महिला से बातचीत बंद कर दी और अपने बेटे को भी जानकारी दे दी। यह सुनकर दुखी पति ने अपनी पत्नी को तलाक देने का फैसला किया, जिससे परेशान महिला ने गांव के लोगों से मदद मांगी। वहीं, महिला ने गांव के कुछ लोगों की सलाह पर पूर्णिया जाकर बड़े डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड कराया तो महिला गर्भवती नहीं निकली। उसके यूट्रस में दिक्कत निकली, जिसकी वजह से पेट में दर्द हो रहा था।

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दरअसल, पूर्णिया जिले के डगरुआ थाना क्षेत्र के शिकारपुर दियारी गांव की महिला बीबी मुस्तकीना के पेट में लगातार दर्द रहता था। उसके बाद उसने डगरुआ के मिली अल्ट्रासाउंड सेंटर के डॉक्टर से अपनी जांच कराई, जहां रिपोर्ट में उसको आठ सप्ताह का गर्भवती बताया गया। जैसे ही यह बात महिला के ससुराल वालों को लगी उसने दिल्ली में काम कर रहे अपने बेटे को बता दिया। उसके बाद पति ने अपने पत्नी को खूब भला बुरा कहा, क्योंकि पति चार माह पूर्व ही कमाने के लिए दिल्ली गया था। इसके बाद ससुराल वालों ने इस बार खुशी अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच करवाई तो महिला 10 सप्ताह की गर्भवती निकली। इसके बाद महिला के पति ने तलाक देने की पूरी तैयारी कर ली थी। वहीं, जब यह बात गांव के लोगों को पता चली तो महिला को पूर्णिया भेजा गया। जहां कुछ और ही बीमारी निकली। उसके बाद महिला, उसके पति और ससुराल वालों ने राहत की सांस ली।
 
बताया जा रहा है कि डगरुआ में कुकुरमुत्ते की तरह अवैध नर्सिंग होम, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सेंटर खुल गए हैं। इनमें कोई डॉक्टर नहीं होता है, सिर्फ टेक्नीशियन की मदद से काम लिया जाता है। यहां अल्ट्रासाउंड सेंटर में काम करने वालों के पास कोई डिग्री नहीं होती है, यह लोग किसी दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर में सीखकर, खुद डॉक्टर बनकर मरीजों की जान और सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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महिला ने पहले जिन दो अल्ट्रासाउंड सेंटर में अपनी जांच करवाई थी, वह दोनों फर्जी निकले। वहीं, घटना के बाद महिला और उसके परिजनों ने दोनों अल्ट्रासाउंड में हंगामा किया तो दोनों सेंटर के कर्मी ताला लगाकर फरार हो गए। इस बाबत महिला ने थाने में अभी कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।

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