पूर्णिया जिले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों ने अंततः न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों अभियुक्तों ने एससी-एसटी न्यायालय में सरेंडर किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की लगातार दबिश, छापामारी और न्यायिक इश्तिहार की कार्रवाई ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया।
सरेंडर करने वाले आरोपियों की पहचान
न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान नागेश्वरबाग निवासी दिलीप महतो के पुत्र राहुल महतो और सचिन महतो के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी फरार चल रहे थे और इनके खिलाफ हथियार तस्करी सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
सब्जी मंडी विवाद से शुरू हुई हिंसा
पुलिस के मुताबिक मामला खुश्कीबाग सब्जी मंडी में बैंगन की खरीद-बिक्री को लेकर शुरू हुए विवाद से जुड़ा है। इसी विवाद के चलते अगले दिन दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना के बाद सदर थाना में कांड संख्या 436/24 के तहत एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। सदर थाना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित स्थानों पर छापामारी की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
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इश्तिहार और कुर्की के डर से सरेंडर
जब पुलिस को आरोपी नहीं मिले तो न्यायालय से उनके खिलाफ इश्तिहार जारी कराया गया। घर पर इश्तिहार चस्पा होने और कुर्की-जब्ती की आशंका से घबराकर दोनों आरोपियों ने मंगलवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि इसी मामले में इससे पहले भी दो अन्य आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।