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Bihar Politics: सीमांचल-कोसी को अलग करने की साजिश, सांसद पप्पू यादव ने क्यों कहा मेरी लाश से गुजरना होगा?

Mon, 09 Mar 2026 06:33 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र को बिहार से अलग कर नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने इसे बिहार को कमजोर करने की साजिश बताते हुए सरकार से इस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। चलिए जानते हैं पूर्णिया सांसद पप्पू यादव इस मुद्दे पर क्या-क्या कहा है?
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प्रेस कॉन्फ्रेंस करते सांसद पप्पू यादव।
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विस्तार
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पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र को बिहार से अलग कर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की खतरनाक योजना तैयार की जा रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के सीमांचल-कोसी क्षेत्र, झारखंड के तीन जिलों और पश्चिम बंगाल के छह जिलों को मिलाकर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की योजना पर काम कर रही है।

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'ये बिहार को कमजोर करने की बड़ी साजिश'
पप्पू यादव ने इसे बिहार को कमजोर करने की बड़ी साजिश करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सीमांचल को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की कोशिश की गई, तो केंद्र सरकार को उनकी लाश से गुजरना होगा। वे बिहार के किसी भी तरह के बंटवारे के सख्त खिलाफ हैं।

सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम महज संयोग नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री को पद से हटाने की तैयारी पहले से की जा चुकी है। पप्पू यादव ने कहा कि हर साल होली के दिन मुख्यमंत्री अपनी बहन से मिलने जाते थे, लेकिन इस बार वे किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि होली के दिन ही उन्हें पद से हटाने की चर्चाएं तेज हो गईं।

मक्का, मखाना या किसी विशेष आर्थिक पैकेज पर चर्चा क्यों नहीं?
पप्पू यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के सीमांचल में तीन दिवसीय दौरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने सीमांचल में तीन दिन बिताए, लेकिन इस दौरान मक्का, मखाना या किसी विशेष आर्थिक पैकेज पर चर्चा नहीं हुई।

सांसद के अनुसार पूरे दौरे के दौरान घुसपैठ और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ही अधिक ध्यान दिया गया, जो किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की ओर इशारा करता है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर भी इस मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया।

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हालांकि, पप्पू यादव ने एक वैकल्पिक प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि यदि सीमांचल, कोसी और मिथिला को मिलाकर एक नया पूर्ण राज्य बनाया जाता है और उसका नेतृत्व स्थानीय लोगों के हाथ में होता है, तो वे इसका स्वागत करेंगे। उनका कहना है कि बिहार को खंडित करने की किसी भी कोशिश का वे डटकर विरोध करेंगे।

सांसद ने सरकार से इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनके इन आरोपों के बाद बिहार के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि बिहार के भूगोल को लेकर चल रही ये चर्चाएं महज राजनीतिक बयानबाजी हैं या इसके पीछे कोई ठोस योजना है।

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