बिहार के किशनगंज के ठाकुरगंज निवासी मौलाना तौसीफ रजा हत्याकांड में बरेली पुलिस को दो महीने बीत जाने के बाद बड़ी सफलता मिली है। ट्रेन में सफर के दौरान हुई मारपीट के बाद संदिग्ध हालात में मृत मिले मौलाना के आरोपी को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मुरादाबाद निवासी पंकज लोधा के रूप में हुई है।
गौरतलब हो कि 26 अप्रैल को मौलाना तौसीफ रजा बरेली में आयोजित 'उर्स ए ताजुश्शरिया' में शामिल होने के बाद ट्रेन के जनरल कोच से किशनगंज लौट रहे थे। 26 अप्रैल की रात उन्हें किशनगंज पहुंचना था, लेकिन 27 अप्रैल की सुबह उनका शव बरेली में ही रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ। शुरू में बरेली पुलिस ने इसे हादसा बताया था।
मृतक की पहचान ठाकुरगंज प्रखंड के भोगडावर पंचायत निवासी 30 वर्षीय मौलाना तौसीफ रजा मजहरी के रूप में हुई थी। मौलाना गोरखपुर में इमामत करते थे और इससे पहले सीवान के एक मदरसे में शिक्षक भी रह चुके थे।
फोन पर मारपीट का जिक्र
इस मामले में रविवार को राजद नेता मास्टर मुजाहिद आलम ने बताया कि 26 अप्रैल को ट्रेन में मौलाना के साथ मारपीट हुई थी। इसकी जानकारी खुद मौलाना ने अपनी पत्नी तबस्सुम को फोन पर दी थी। उन्होंने फोन पर मारपीट का जिक्र किया था।
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पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी
मुजाहिद आलम के मुताबिक 4 मई को मृतक की पत्नी तबस्सुम ने बरेली जीआरपी थाने में मामला दर्ज करवाया था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो ट्रेन के कोच S9 और S8 में पंकज लोधा द्वारा मौलाना तौसीफ रजा के साथ मारपीट की पुष्टि हुई। फुटेज के आधार पर ही पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। मुजाहिद आलम ने आरोपी पंकज लोधा को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। बरेली पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्या के पीछे की मंशा और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। दो महीने तक चली गुत्थी सुलझने के बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है। किशनगंज में भी इस गिरफ्तारी के बाद लोगों ने पुलिस कार्रवाई को सराहा है।