विरोध प्रदर्शन करते छात्र नेता
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पूर्णिया विश्वविद्यालय के 9वें स्थापना दिवस समारोह में बुधवार को उस समय हंगामा मच गया जब जश्न का माहौल विरोध प्रदर्शन में बदल गया। एक ओर सीनेट हॉल में आधिकारिक कार्यक्रम चल रहा था, वहीं दूसरी ओर छात्र नेता धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
कुछ देर के लिए बाधित हुआ कार्यक्रम
मामला तब और गंभीर हो गया जब राजद से जुड़े छात्र नेता पीयूष पुजारा पेट्रोल से भरी बोतल लेकर सीनेट हॉल पहुंच गए और आत्मदाह की धमकी देने लगे। उन्होंने बोतल खोलकर चेतावनी दी कि यदि उन्हें रोका गया तो वे खुद को आग लगा लेंगे। इस घटना से समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कार्यक्रम कुछ देर के लिए बाधित हो गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा। कुलपति विवेकानंद सिंह स्वयं छात्रों को समझाने पहुंचे, लेकिन स्थिति संभलने के बजाय और तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला जब पीयूष पुजारा एक पदाधिकारी के पैरों पर गिरकर रोने लगे।
छात्र नेताओं ने लगाए आरोप
छात्र नेताओं का आरोप था कि उन्हें स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जानबूझकर दूर रखा गया, जिससे वे नाराज थे। हंगामे और तनाव के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए आई महिला कॉलेज की छात्राओं ने मंच पर प्रस्तुति देने से इनकार कर दिया। काफी देर तक चले विरोध और अफरा-तफरी के बाद पुलिस और प्रशासन की मशक्कत से छात्रों को शांत कराया गया। इसके बाद रात करीब 9 बजे कार्यक्रम किसी तरह संपन्न हो सका।
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विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक छात्र नेता का पेट्रोल की बोतल के साथ सीनेट हॉल तक पहुंच जाना गंभीर चूक माना जा रहा है। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने और छात्रों की भागीदारी को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।