फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: खेत में भिंडी तोड़ने गई मां को बचाने दौड़ा बेटा, करंट की चपेट में आने से दोनों की दर्दनाक मौत

Wed, 03 Jun 2026 06:35 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

भागलपुर के मदरौनी गांव में खेत में भिंडी तोड़ने गई महिला की बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से मौत हो गई। मां को बचाने दौड़ा बेटा भी करंट की जद में आ गया और दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
विज्ञापन
मृतक बेटे का फाइल फोटो।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजली विभाग की लापरवाही और घरेलू स्तर पर असुरक्षित तरीके से खींचे गए तार किस तरह एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ सकते हैं, इसका हृदयविदारक उदाहरण बुधवार को सामने आया। खेत में भिंडी तोड़ने गई मां को करंट की चपेट में आता देख उसे बचाने दौड़ा बेटा भी काल के गाल में समा गया। इस दर्दनाक हादसे में मां-बेटे दोनों की मौत हो गई।

यह घटना भागलपुर जिले के रंगरा थाना क्षेत्र के मदरौनी गांव की है। दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए जीएमसीएच (GMCH) पूर्णिया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मदरौनी गांव निवासी मनोज कुमार की 45 वर्षीय पत्नी सरिता देवी और उनके 30 वर्षीय पुत्र सुन्दरम सिंह के रूप में हुई है। इस भीषण हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटना के संबंध में मृतका के दामाद अभिषेक आनंद ने बताया कि बुधवार को सरिता देवी घर के बाहर स्थित खेत में भिंडी तोड़ने गई थीं। खेत के ऊपर बांस के सहारे बिजली का एक नंगा तार गुजरा हुआ था। अचानक तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण उसमें करंट प्रवाहित होने लगा। भिंडी तोड़ने के दौरान सरिता देवी का संपर्क उस तार से हो गया और वह करंट की चपेट में आकर तड़पने लगीं।

हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आ गया

विज्ञापन

मां को बचाने के लिए उनका बेटा सुन्दरम सिंह तुरंत दौड़ा, लेकिन सुरक्षा के किसी साधन के अभाव में वह भी उसी हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। देखते ही देखते दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।

इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया
चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करवाई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने दोनों को बेहोशी की हालत में इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचाया, जहां इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Bihar : एक ही परिवार के पांच बच्चों की मौत; जेसीबी से खोदे गड्ढे में सात बच्चे डूबे, बाकी दो को बचाने की कोशिश

मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। एक ही परिवार के दो सदस्यों की असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, अस्पताल पहुंची पुलिस ने मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें