पूर्णिया शहर के विस्तार और इसे आधुनिक स्वरूप देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने पूर्णिया के पास एक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बसाने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिसूचना जारी, 30 मार्च 2027 तक रोक लागू
इसी क्रम में विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्रों में 30 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि मास्टर प्लान के अंतिम रूप लेने से पहले इन इलाकों में अनियंत्रित निर्माण न हो सके।
49 गांवों को किया गया शामिल
इस योजना के तहत पूर्णिया जिले के दो प्रखंडों के कुल 49 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। केनगर (कृत्यानंद नगर) प्रखंड के 40 गांवों को टाउनशिप के दायरे में रखा गया है। इनमें अराजी सतकोदरिया, चपई शाम मिलिक, मकरंदा, रुपडीह मिलिक, भोकराहा मिलिक, दुबे चकला, सतकोदरिया मिलिक बाई, परोरा, गणेशपुर, चपई, बहादुरपुर, भवानीपुर, सिसवा, गोआसी, देबीनगर, बनभाग, सोसा, काझा और अलीनगर जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं।
पूर्णिया पूर्व प्रखंड के गांव भी शामिल
वहीं पूर्णिया पूर्व प्रखंड के 9 गांवों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें हरदा, हीराधर, गंगाईली अराजी, बहादुरपुर, थारहा और कवैय्या जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। सरकार अब इन सभी चिन्हित गांवों के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करेगी। ग्रीनफील्ड टाउनशिप होने के कारण इसे पूरी तरह नए सिरे से विकसित किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, पार्क और कमर्शियल जोन बनाए जाएंगे।
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प्रशासन को सख्त निर्देश
प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों और निबंधन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन गांवों में जमीन से जुड़े किसी भी प्रकार के सौदे या निर्माण कार्य की अनुमति फिलहाल नहीं दी जाए। सरकार का मानना है कि यह परियोजना पूर्णिया के शहरीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे भविष्य में आबादी का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।