सार
पूर्णिया के मधुबनी थाना क्षेत्र में परिवहन विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर ट्रैक्टर और पिकअप चालकों से अवैध वसूली करने वाले युवक को चालकों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने उसकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।
फर्जी परिवहन विभाग कर्मी का फोटो
- फोटो : Amar Ujala
पूर्णिया के मधुबनी थाना क्षेत्र में परिवहन विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर पिकअप और ट्रैक्टर चालकों से अवैध रंगदारी वसूलने वाले एक शातिर युवक को चालकों और स्थानीय लोगों ने रंगे हाथ दबोच लिया। आक्रोशित लोगों ने मौके पर ही उसकी जमकर धुनाई कर दी और बाद में डायल-112 की पुलिस टीम को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गिरफ्तार युवक की पहचान शहर के सुभाषनगर निवासी सीताराम प्रसाद सिंह के पुत्र सोनू कुमार के रूप में हुई है।
परिवहन विभाग का कर्मी बताकर जबरन रोकता था गाड़ियां
पीड़ित वाहन चालकों ने बताया कि आरोपी बीते तीन-चार वर्षों से मधुबनी थाना क्षेत्र के भूतहा मोड़ और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। वह खुद को परिवहन विभाग का कर्मी बताकर जबरन गाड़ियों को रुकवाता और चालकों से अवैध वसूली करता था। जो चालक गाड़ी नहीं रोकते थे, उनका वह अपनी बाइक से पीछा करता और डरा-धमकाकर जबरन पैसे ऐंठ लेता था।
ट्रैक्टर चालकों ने पकड़कर पीटा
घटनाक्रम के संबंध में चालकों ने बताया कि गुरुवार को आरोपी सोनू ने मरंगा न्यू बाइपास के पास एक ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया। जब चालक ने गाड़ी नहीं रोकी, तो उसने तेज रफ्तार में बाइक से पीछा कर आगे अपनी बाइक लगा दी और रंगदारी की मांग करने लगा। इसी दौरान परेशान ट्रैक्टर चालकों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे घेरकर पकड़ लिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोशित लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।
ये भी पढ़ें-
घर में सन्नाटा, बेड पर बेजान पड़ा था शव; सॉफ्टवेयर कर्मी की मौत से गहराया रहस्य, पुलिस खंगाल रही सुराग
मामले की जानकारी देते हुए मधुबनी थानाध्यक्ष सुदीन राम ने बताया कि चालकों और स्थानीय लोगों द्वारा एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल वाहन चालकों या अन्य पीड़ितों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। लिखित शिकायत प्राप्त होते ही सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।