पूर्णिया जिले से इंसानियत और पवित्र रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। जिले के के. नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक गर्भवती महिला ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा गर्भ में पल रहे पांच महीने के बच्चे का गर्भपात कराने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने किसी तरह जान बचाकर महिला थाना पूर्णिया में न्याय की गुहार लगाते हुए लिखित आवेदन दिया है।
महिला थाना में दिए आवेदन के अनुसार, पीड़िता की पहचान के. नगर थाना क्षेत्र के बेला रिकाबगंज वार्ड संख्या-04 निवासी स्वर्गीय विनोद यादव की पुत्री आंचल कुमारी के रूप में हुई है। आंचल की शादी 12 मई 2025 को बेला रिकाबगंज पंचायत के बेला वार्ड संख्या-01 निवासी सुबोध यादव के पुत्र राहुल कुमार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसका पति राहुल कुमार, सास बेबी देवी (50 वर्ष) और ससुर सुबोध यादव (51 वर्ष) कम दहेज लाने का ताना देकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे तथा अक्सर मारपीट करते थे।
'गर्भपात कराने ले जा रहा था'
पीड़िता ने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वर्तमान में वह पांच महीने की गर्भवती है। इसके बावजूद उसके पति, सास और ससुर उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, उसका पति राहुल कुमार उसे जबरदस्ती एक डॉक्टर के पास गर्भपात कराने के लिए ले जा रहा था, लेकिन वह किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही और सीधे पुलिस के पास पहुंची।
मौसेरे भाई पर भी सहयोग का आरोप, पंचायत को भी दी धमकी
पीड़िता का आरोप है कि इस पूरे मामले में उसके पति का मौसेरा भाई बाबुल कुमार भी आरोपियों का साथ दे रहा है। उसने आरोप लगाया कि सभी आरोपी उसके मायके पहुंचकर भी मारपीट और हंगामा करते हैं। जब विवाद सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई तो आरोपियों ने पंचों को भी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
यह भी पढ़ें:
1100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ के लिए रवाना हुई स्पेशल ट्रेन, सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी
'दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद होगी कार्रवाई'
मामले को लेकर महिला थानाध्यक्ष राजनंदनी सिन्हा ने बताया कि पीड़िता का लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद और मारपीट से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि आवेदन के आधार पर दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की जाएगी। पूरे मामले की गहन जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।