नेपाल में जेनरेशन Z के हिंसक प्रदर्शनों और पुलिस झड़पों के बीच भारत से इलाज कराने गए मरीज सुरक्षित लौट आए। सीमांचल और बंगाल के सटे इलाकों से पहुंचे मरीजों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने भारतीयों को निशाना नहीं बनाया और अस्पतालों में पूरी तरह सुरक्षा और शांति का माहौल रहा।
नेपाल में जेनरेशन Z के उग्र प्रदर्शन और पुलिस के साथ हुई झड़पों के बीच भारत से इलाज कराने पहुंचे मरीज सुरक्षित लौट आए। खासकर सीमांचल और पश्चिम बंगाल के सटे इलाकों से गए मरीजों और उनके परिजन ने राहत की सांस ली है। कटिहार लौटे लोगों ने बताया कि भले ही नेपाल की सड़कों पर आगजनी और हिंसा हुई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने भारतीयों को निशाना नहीं बनाया। आंखों का इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने कहा कि अस्पतालों में पूरी सुरक्षा और शांति का माहौल था।
हाल के दिनों में नेपाल ने कम खर्च और बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधाओं के चलते एक नया मेडिकल डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बनाई है। बड़ी संख्या में बिहार, झारखंड और बंगाल के सीमावर्ती जिलों से लोग आंखों के ऑपरेशन और अन्य इलाज के लिए नेपाल जाते हैं। मरीजों का कहना है कि सड़कों पर तनाव जरूर था, लेकिन अस्पतालों में इलाज पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रूप से जारी रहा।