पूर्णिया जिले के लिए गुरुवार का दिन विकास के लिहाज से ऐतिहासिक रहा, जब बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने जिले के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास किया। बनमनखी, धमदाहा और पूर्णिया शहर में आयोजित इन कार्यक्रमों में खाद एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह, विधायक कृष्ण कुमार ऋषि, विधायक विजय कुमार खेमका सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य का चौतरफा विकास हो रहा है। इसी कड़ी में पथ निर्माण विभाग भी अपनी पूर्ण भागीदारी निभा रहा है। पूर्णिया को इस दिशा में 100 करोड़ से अधिक की योजनाओं की सौगात दी गई है, जिनमें तीन प्रमुख पथों के निर्माण और जीर्णोद्धार की योजनाएं शामिल हैं।
मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि इन योजनाओं के तहत धमदाहा-बनमनखी मार्ग के 21.50 किलोमीटर लंबे पथ का निर्माण 78.91 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इसके अलावा एनएच-107 से काझी तक छह किलोमीटर लंबे पथ का 23 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण होगा। साथ ही पूर्णिया शहर के एनएच-31 के पास रेलवे ओवरब्रिज के दोनों ओर 650 मीटर में फोर लेन सर्विस रोड का निर्माण भी 5.04 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
उन्होंने कहा कि बनमनखी-धमदाहा सड़क की चौड़ाई मौजूदा तीन मीटर से बढ़ाकर सात मीटर की जाएगी, जिससे मवेशी हाट, मुख्य बाजार और मंगलचंद चौक से लेकर हृदयनगर तक जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इन पथों के निर्माण से जिले की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।
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इसके साथ ही पथ निर्माण मंत्री ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 282 किलोमीटर लंबा छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। इसके निर्माण से पटना से पूर्णिया का सफर महज तीन से चार घंटे में पूरा हो सकेगा।
यह एक्सप्रेसवे पटना में एनएच-19 के पास से शुरू होकर पूर्णिया के चांदभट्टी तक जाएगा और एनएच-27 से जुड़ जाएगा। मार्ग में पटना, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया जैसे जिले शामिल होंगे। इसके तहत 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, 11 रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास बनाए जाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि यह परियोजना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के साथ-साथ प्रदेश में आर्थिक विकास की नई राह खोलेगी।