पूर्णिया जिले में प्रेम-प्रसंग में हिंदू से मुस्लिम बने युवक ने ससुराल में आत्महत्या कर लिया। आत्महत्या के बाद गुरुवार को उसके ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के बीच दाह संस्कार को लेकर विवाद हुआ। ससुराल पक्ष मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ दाह संस्कार करना चाहता था। लेकिन मायके वाले चाहते थे कि उसका हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार हो। फिलहाल, पुलिस ने शव को अपने पास 72 घंटे के लिए रख लिया है।
मामला के. हाट थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी का है। दरअसल, लड़के ने साल 2008 में मुस्लिम महिला से लव मैरिज किया था। लड़के के मायके वालों ने इस शादी को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वो अपने ससुराल में रहने लगा। उसने मुस्लिम धर्म अपना लिया था। मृतक की पहचान के. हाउसिंग कॉलोनी निवासी दिलीप कुमार झा के बेटे आजाद कुमार झा (35) के रूप में हुई है। उसने जब मुस्लिम लड़की रानी परवीन (32) से शादी की तो धर्म परिवर्तन कर आजाद झा से अपना नाम मो. आजाद आलम कर लिया था। मृतक के तीन बेटे हैं।
घटना के संबंध में पत्नी रानी परवीन ने बताया कि दोनों एक ही मोहल्ले में रहते थे। साल 2008 में दोनों की पहली मुलाकात हुई। इसके बाद बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे ये बातचीत प्यार में बदल गया। 16 साल पहले हम दोनों ने घर से भागकर लव मैरिज कर ली थी। इसके बाद वो मुझे लेकर अपने घर पहुंचा था। वहां पर आजाद के माता-पिता ने इस शादी को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वो मेरे साथ मेरे घर आ गया। यहां हम दोनों एक साथ रहते थे। साल 2022 तक सब कुछ ठीक था। वो दूसरे का ऑटो चलाता था। इसकी वजह से 2022 में उसने अपनी मां से खुद का ऑटो खरीदने के लिए 50 हजार रुपये मांगे थे। लेकिन मां ने उसे पैसे नहीं दिए।
इसके बाद से वो काफी तनाव में रहने लगा था। वो शराब का सेवन करने लगा था। इस दौरान उसने 2022 में ही एक बार जहर खाकर सुसाइड की कोशिश भी की थी। लेकिन किसी तरह से उसे बचा लिया गया था। अपने बेटे के स्कूल गई थी। वहां से आई तो कमरा खोल कर देखा तो आजाद फंदे से लटका मिला। हम लोग आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत से पहले आजाद ने छोटे बेटे आफताब से कहा था कि अगर मेरी मौत हो जाती है तो मेरा अंतिम संस्कार मुस्लिम रीति-रिवाज से करना। इस कारण हम लोग उसके शव को मिट्टी में डालने जा रहे थे। तभी आजाद के मायके वाले आ गए, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया।
मृतक की मां अनीता देवी ने बताया कि बुधवार देर दोपहर ही उससे बात हुई थी। वो काफी परेशान लग रहा था। घर आना चाहता था। उसने मिलने की इच्छा जताई थी। वो बेटे का इंतजार ही कर रही थी तभी देर शाम घर वालों को बेटे के सुसाइड करने की बात मालूम चली। मगर न तो लड़की ने और न ही उसके घरवालों ने उन्हें इस बात की भनक तक लगने दी। उन्हें मालूम हुआ कि शव का मुस्लिम रीति-रिवाज से दाह संस्कार किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने के. हाट थाना की पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस शव को लेकर पोस्टमॉर्टम कराने पहुंची।