पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। जहां एमबीबीएस सेकेंड ईयर और इंटर्नशिप छात्रों के बीच झड़प हो गई। इस घटना में कुछ छात्र घायल हो गए हैं। झड़प की वजह एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्रों के हॉस्टल में अत्यधिक छात्रों की संख्या होने पर इंटर्नशिप छात्रों के छात्रावास में रखना बताया जा रहा है। घटना की सूचना पर पुलिस सदर एसडीओपी पंकज कुमार शर्मा सहित तीन थानों की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचे और मामला शांत कराया गया।
एमबीबीएस छात्रों का कहना है कि पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र की हॉस्टल में अत्यधिक छात्रों की संख्या होने पर पूर्णिया मेडिकल कॉलेज प्रशासन के द्वारा इंटर्नशिप छात्रों के छात्रावास में रखा है। बुधवार देर रात्रि किसी बात को लेकर एमबीबीएस सेकेंड ईयर और इंटर्नशिप छात्रों के बीच बहस हो गई। इसमें पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। वहीं, एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन प्रिंसिपल के नहीं रहने के कारण छात्र वापस लौट गए।
एमबीबीएस छात्रा के द्वारा एक इंटर्नशिप छात्र को माफी मांगने के लिए रोक लिया। कहा माफी मांग लो मामला शांत हो जाएगा। लेकिन इंटर्नशिप छात्र अपने अन्य छात्रों को इस बारे में जानकारी दे दी। इसके बाद इंटर्नशिप छात्रों के जुटान शुरू हो गई और दोनों में आपस में ही भीड़ गए, जिससे कॉलेज परिसर रणक्षेत्र में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ पंकज कुमार शर्मा सहित कई थानों की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचे। जहां एसडीपीओ पंकज कुमार शर्मा ने दोनों गुटों के पांच-पांच छात्र को बुलाकर मामला सुनी। उसके बाद दोनों गुटों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
वहीं, कॉलेज के उपाधीक्षक डॉक्टर भारत कुमार ने मामला दो छात्रों से जुड़ा हुआ है। मामला मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के अंडर में है। हम लोगों को सूचना मिली दो छात्रों के गुट आपस में भीड़ गया है। घटना स्थल पर पहुंचकर मामले को शांत करा दिया गया है। इस घटना के बाद कॉलेज के छात्रों में आक्रोश है और उन्होंने मामले की निंदा की है। छात्रों ने कहा है कि रैगिंग का कोई भी रूप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।