पूर्णिया में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए महागठबंधन के भीतर चल रहे टिकट बंटवारे और नेतृत्व के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने RJD नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा, NDA की अंदरूनी कलह का खुलासा किया और चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया। पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना RJD को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को अपना दिल बड़ा करना चाहिए। RJD बार-बार कहती है कि मुझे मुख्यमंत्री बनना है। अगर आप सच में नेतृत्व करना चाहते हैं तो दिल बड़ा रखें।
उन्होंने स्पष्ट मांग की कि RJD को 90-100 सीटों से अधिक पर चुनाव नहीं लड़ना चाहिए, ताकि गठबंधन के सहयोगी दलों को सम्मानजनक भागीदारी मिल सके। पप्पू यादव ने कांग्रेस, माले, CPI, CPM और VIP जैसे सभी सहयोगियों के सम्मान को जरूरी बताया। उन्होंने साफ किया कि सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल जैसे क्षेत्रों में अधिक सीटें कांग्रेस का हक बनती हैं। NDA को हराने के लिए गठबंधन को 48 घंटे के भीतर सीटों पर फैसला कर लेना चाहिए।
सांसद ने दावा किया कि यह चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और महागठबंधन पहले से ज्यादा मजबूत है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि जनता बदलाव के मूड में है और इस बार बिहार से NDA का सफाया तय है। पप्पू यादव ने दावा किया कि NDA में सब कुछ ठीक नहीं है और वहां बड़े स्तर पर असंतोष है।
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उन्होंने कहा कि NDA के सहयोगी दलों चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा का सम्मान नहीं हो रहा है। सबसे बड़ा खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि JDU के भीतर नीतीश कुमार के बेटे को लेकर घमासान मचा है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि BJP किसी भी कीमत पर नीतीश कुमार के बेटे को राजनीति में नहीं आने देना चाहती। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे एक बड़ा खेल चल रहा है। पप्पू यादव ने मुकेश सहनी के उपमुख्यमंत्री बनने के दावे का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि अगर RJD कहती है कि तेजस्वी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो मुकेश सहनी अगर डिप्टी CM बनने की बात कह रहे हैं तो उसमें गलत क्या है? उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के बिना INDIA गठबंधन की कल्पना नहीं की जा सकती। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर पूछे गए सवाल पर पप्पू यादव ने चुटकी ली और कहा, पंडित जी के बारे में सिर्फ पंडित जी ही क्यों बोलते हैं, कोई और क्यों नहीं बोलता? पप्पू यादव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को घेरा और एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में 69 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इन लोगों को नाम हटाने से पहले नोटिस दी गई? अगर नहीं, तो किस आधार पर ये नाम हटाए गए? पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाया कि SIR के नाम पर SC-ST और दलित समुदाय को टारगेट कर उनका नाम वोटर लिस्ट से काटा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए 40 हजार घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला, जबकि पीएम मोदी 500 घुसपैठियों को भी बाहर नहीं कर पाए।
"घुसपैठियों और रोहिंग्या के नाम पर SIR किया गया। ऐसे कितनों को बाहर निकाला गया, इसकी लिस्ट सार्वजनिक की जाए, उन्होंने मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानती थी कि 7 अक्टूबर को SIR पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना था। कोर्ट के फैसले से बचने के लिए, सरकार ने आचार संहिता लागू करने के लिए जल्दबाजी में चुनाव तिथियां घोषित कर दीं, ताकि सुप्रीम कोर्ट दखल न दे सके। उन्होंने इसे साजिश बताया।