कांग्रेस पार्टी का लगा पोस्टर फटा
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पूर्णिया में महागठबंधन की नाव तूफान में फंसी नजर आ रही है। एक ओर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की 'वोटर अधिकार यात्रा' की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के भीतर आपसी कलह खुलकर सामने आ गई है। खासकर, कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों के बीच चल रही पोस्टर फाड़ने की जंग ने पूरे राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। यह हालात बिल्कुल एक अनार, सौ बीमार की कहावत को सही साबित कर रहे हैं।
पूर्णिया सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस के कई नेता दावेदारी जता रहे हैं। लेकिन दावेदारी से ज्यादा चर्चा उनके आपसी विवाद की हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नेताओं के पोस्टर फाड़े जाते हुए दिख रहे हैं। यह वीडियो न केवल कार्यकर्ताओं में बल्कि शीर्ष नेताओं और आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।
यह विवाद किसी एक दिन का नहीं है। कटिहार मोड़ से बेलोरी तक NH-31 पर रात में दो दावेदारों के फटे हुए पोस्टर मिले हैं, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि किसने किसका पोस्टर फाड़ा या फाड़वाया, लेकिन इतना तय है कि यह सब कांग्रेस नेताओं के बीच की खींचतान का नतीजा है।
इस विवाद में कांग्रेस नेता जितेंद्र यादव का पोस्टर सबसे ज्यादा चर्चा में है। उनका पोस्टर एक ऐसे घर की छत पर लगाया गया था, जहां बिना मकान मालिक की सहमति के प्रचार सामग्री लगाना संभव नहीं है। इसके बावजूद उनका पोस्टर फटा हुआ मिला। खास बात यह है कि जितेंद्र यादव कुछ दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं।