एसएसबी की 41वीं बटालियन ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद रेडॉय खान के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के नाटोर जिले का रहने वाला है।
प्राप्त जानकारी के आधार पर एसएसबी की सी कंपनी ने बॉर्डर पिलर नंबर 90/1 के पास से आरोपी को पकड़ा। यह स्थान भारतीय क्षेत्र में बीओपी पनी टंकी से करीब 800 मीटर अंदर है। पूछताछ में पता चला कि रेडॉय 12 नवंबर 2024 को वैध पासपोर्ट और वीजा पर नेपाल पहुंचा था। वह काठमांडू के थामेल में यशिन होटल में रुका था। वहां 20-25 अन्य बांग्लादेशी नागरिक भी ठहरे थे। रेडॉय सर्बिया जाना चाहता था। इसके लिए उसने इमरान नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया। इमरान ने फर्जी सर्बियाई वीजा लगवाने का वादा करके उसका पासपोर्ट ले लिया और बाद में पैसों की मांग की। काठमांडू में रहते हुए रेडॉय का एक स्पा सेंटर में काम करने वाली नेपाली युवती अरुना मगर से प्रेम संबंध भी बना।
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पासपोर्ट न होने की स्थिति में रेडॉय ऑनलाइन गेम फ्री फायर के जरिए राजेश नाम के एक भारतीय से जुड़ा। राजेश ने उसे भारत आने के लिए प्रेरित किया और यात्रा के लिए 2000 नेपाली रुपये भेजे। 13 मई 2025 को वह काठमांडू से बस में काकरविट्टा पहुंचा। वहां से एक नेपाली गाइड उसे ऑटो से सीमावर्ती क्षेत्र लाया और भारत में प्रवेश करवाया। आरोपी के पास से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या हथियार नहीं मिले। उसने अपनी मां के मोबाइल नंबर से अपने बांग्लादेशी पासपोर्ट और जन्म प्रमाण पत्र की तस्वीरें साझा कीं। उसका कहना है कि वह 2-3 दिन भारत में रुककर नेपाल लौटना चाहता था।
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वहीं, खबर लिखे जाने तक संदिग्ध से संयुक्त पूछताछ पूरी हो चुकी थी और मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दार्जिलिंग जिले के खोरीबारी पुलिस स्टेशन को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। व्यापक लिंक का पता लगाने और नेटवर्क को बेअसर करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ खुफिया जानकारी भी साझा की गई।