अररिया जिले के जोगबनी स्थित प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी से सामने आई तस्वीरों ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के एक सरकारी विद्यालय के परिसर में जलजमाव के बीच छोटे-छोटे बच्चे बेंच उठाकर पानी में रखते दिखाई दे रहे हैं। उन्हीं बेंचों पर कदम रखते हुए एक शिक्षिका स्कूल भवन के भीतर जाती नजर आ रही हैं। इन तस्वीरों और वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी है और मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।
तस्वीरों में क्या दिख रहा है?
वायरल तस्वीरों में दिखाई दे रही शिक्षिका की पहचान प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी, वार्ड संख्या-10 में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षिका अफसाना परवीन के रूप में बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में जलभराव होने के कारण उन्होंने बच्चों से बेंच रखवाकर अपने लिए रास्ता तैयार कराया। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी
मामले को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित वातावरण देने का स्थान है। ऐसे में यदि बच्चों से शिक्षकों की सुविधा के लिए श्रम कराया जाता है, तो यह नैतिक रूप से गलत है और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
प्रधान शिक्षिका ने मामले को लेकर क्या कहा?
विद्यालय की प्रधान शिक्षिका नीलिमा पाठक ने बताया कि संबंधित शिक्षिका को एलर्जी की समस्या है और वे पानी में नहीं चल सकती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। इसकी सूचना कई बार संबंधित विभाग को दी गई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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शिक्षा विभाग ने मांगा 24 घंटे में जवाब
अब इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित शिक्षिका से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।