किशनगंज के बहादुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक महिला को दी गई प्रसूता किट एक्सपायर निकली, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया। घर पहुंचकर किट की जांच करने पर सभी खाद्य सामग्री की समय सीमा समाप्त पाई गई।
किशनगंज के बहादुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक प्रसूता को प्रसव के बाद जो किट दी गई, उसमें रखे सभी सामान एक्सपायर निकले। जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।
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घर पहुंचकर खुला मामला
जानकारी के मुताबिक, गरगाँव निवासी नाज़ेरी बेगम (पति मारूफ आलम) को सोमवार शाम प्रसव के लिए बहादुरगंज CHC में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें एक प्रसूता किट दी गई। प्रसूता के भाई मोहम्मद नाजिस राही ने बताया कि जब वे घर पहुंचे और किट की जांच की, तो उसमें रखे सभी खाद्य पदार्थ एक्सपायर पाए गए। यह देखकर परिजन आक्रोशित हो गए और तुरंत अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
जनप्रतिनिधि ने बताया गंभीर लापरवाही
नगर मुख्य पार्षद प्रतिनिधि वसीकूर रहमान ने इस पूरे मामले को स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि अगर परिजनों ने समय रहते किट की जांच नहीं की होती और एक्सपायर सामान का इस्तेमाल कर लिया होता, तो प्रसूता और नवजात के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा सकता था।
मामले पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रिजवाना तबस्सुम ने बताया कि प्रसूता किट राज्य मुख्यालय से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सीलबंद हालत में भेजी जाती है। इसी वजह से अस्पताल स्तर पर किट के अंदर रखे सामान की जांच नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और अब से प्रसूताओं को किट अस्पताल परिसर में ही उनके सामने खोलकर, जांच के बाद दी जाएगी। बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार ने फोन पर बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग को पत्र लिखा जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।