पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने आसाराम के बारे में कहा कि उन्हें मीडिया ने ही महान बनाया था और अब वही मीडिया उन्हें अपराधी घोषित करने पर तुला हुआ है।
उन्होंने कहा कि सच्चे साधु जो अपने कर्मों के से जाने जाते हैं वे कभी इस तरह के आरोपों में नहीं फंसते हैं।
निश्चलानंद ने यह भी कहा कि चंद्रस्वामी और आसाराम की पहचान धर्म के क्षेत्र में किए किसी काम से नहीं है। उन्होंने जो गलत काम किए हैं वे उसी की सजा भुगत रहे हैं।
वे किसी बच्चे के बाबा होंगे लेकिन किसी धर्म के बाबा नहीं है।
जिन लोगों को धर्म और अध्यात्म के अलावा तमाम चीजों का लालच होता है वे उसी मंच पर लोगों के लिए दोषी साबित हो जाते हैं जिस पर लोग उन्हें सम्मान देते हैं।