जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में शहीद हुए पांच भारतीय जवानों में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। जवानों के शहीद होने की खबर मिलने के बाद से उनके परिवार और गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
अभी भी लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं हैं। शहीद जवानों के परिजनों में पाकिस्तानी सेना के इस दुस्साहसिक हमले को लेकर भारी आक्रोश है। शहीदों के परिजनों के पड़ोसी देश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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21 बिहार रेजीमेंट के शहीद जवानों के शव दानापुर स्थित रेजीमेंट के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बुधवार देर शाम यहां लेकर पहुंच गए।
मंत्रिमंडल समन्वय के प्रमुख सचिव बृजेश मेहरोत्रा ने बताया कि चारों जवानों का बृहस्पतिवार को जिला मजिस्ट्रेट और एसपी की मौजूदगी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राज्य के शहीद जवानों में पटना के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, भोजपुर जिले के शंभू शरण सिंह और सारण जिले के प्रेमनाथ सिंह व रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं।
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स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से बेहद गुस्सा है और वे इस दुस्साहसिक हमले के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पटना से 10 किमी दूर दानापुर के लोगों को जब विजय के शहीद होने की खबर मिली तो हंसी खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
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विजय की मां तो खबर सुनते ही बेहोश हो गईं, किसी तरह घर के अन्य लोगों को पड़ोसियों ने संभाला। शहीद जवान के दो मासूम बच्चे हैं, उन्हें नहीं पता कि उनके सिर से बाप का साया उठ गया है, घर के लोगों को रोता देख वो भी घबड़ाकर रोने लगे।
विजय की मां ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा अभी जुलाई माह में ही घर आया था और उनकी आंखों का इलाज कराया था, अब वे उसे कभी देख नहीं पाएंगी।