राज्य भर में स्कूलों में पोशाक के पैसे न मिलने के चलते हंगाम और विरोध जारी है। विद्यार्थियों के विरोध के कारण पढ़ाई से लेकर कानून व्यवस्था में बाधा बनी हुई है। सड़क जाम और नारेबाजी ने अन्य लोगों के लिये समस्या खड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कहा है कि स्कूलों में 75 फीसदी उपस्थिति होने पर ही योजनाओं का पैसा दिया जायेगा।
राजधानी से लेकर बक्सर, बेगूसराय या नालंदा हर जगह स्कूलों में राशि न मिलने से विद्यार्थी और अभिभावक भड़के हुये हैं। कुछ स्कूलों में अभिभावकों ने अध्यापकों के साथ मारपीट भी की है। हंगामे और सड़क जाम से निपटने के काम में पुलिस अधिकारियों को भी जूझना पड़ रहा है।
कहीं 75 फीसदी उपस्थिति को लेकर राशि लेने वाले विद्यार्थियों की सूची बनाने में गड़बड़ी को लेकर हंगामा हो रहा है तो कहीं छात्राओं को दो-तीन साल से पोशाक राशि ही नहीं मिली है। अब इस बात की जांच होगी की पूर्व प्राचार्यों ने पहले पैसे क्यों नहीं दिये थे।
उपस्थिति के संबंध में विद्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षकों ने सूची बनाने में गड़बड़ी की है और जो वास्तविक हकदार थे उनका नाम सूची से बाहर हो गया है। कुछ स्कूलों में पोशाक व साइकिल की राशि नहीं पहुंचने के कारण भी लोग गुस्से में हैं।