नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ लगातार विरोध करने वाले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उपाध्यक्ष और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा के उस दावे को लेकर सवाल उठाए हैं जिसमे कहा गया था कि अभी एनआरसी पर कोई चर्चा ही नहीं हुई है।
किशोर ने गुरुवार को ट्वीट करके सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि एनआरसी पर सरकार का दावा केवल ब्रेक है, मगर इसपर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है। उन्होंने कहा, 'अभी तो एनआरसी की कोई चर्चा ही नहीं हुई है का दावा करना सीएए और एनआरसी को लेकर देशभर में हो रहे विरोध को रोकने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। यह एक विराम है न कि पूर्ण विराम।'
उन्होंने आगे कहा, 'सरकार सीएए पर उच्चतम न्यायालय के आदेश तक इंतजार कर सकती है। जैसे ही अदलात से पक्ष में फैसला आएगा वैसे ही एक बार फिर यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।' एनआरसी को लेकर प्रशांत किशोर साफ कह चुके हैं कि बिहार में वे और उनकी सरकार इसे लागू नहीं होने देगी। प्रधानमंत्री ने रामलीला मैदान से कहा था कि सरकार ने एनआरसी पर कोई चर्चा ही नहीं की है। इसीपर किशोर ने तंज कसा है।
राहुल गांधी को कहा था धन्यवाद
प्रशांत किशोर ने कहा था कि कांग्रेस को महज खानापूर्ति करने की बजाय खुल कर एलान करना चाहिए कि जिन पांच राज्यों में उसकी सरकारें हैं, वहां एनआरसी लागू नहीं किया जाएगा। जिसके बाद कांग्रेस ने सत्याग्रह किया। इसपर उन्होंने ट्वीट कर कहा था, 'सीएए एनआरसी के खिलाफ नागरिकों के आंदोलन में शामिल होने के लिए धन्यवाद राहुल गांधी। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं लोगों के प्रदर्शन से इतर हमें एनआरसी को रोकने के लिए राज्यों को इसे लागू करने मना करने को कहना पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि आपने कांग्रेस अध्यक्ष को मना लिया होगा कि वह आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर सकें कि कांग्रेस शासित राज्यों में एनआरसी लागू नहीं होगा।'