फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: PK की नीतीश को चुनौती- BJP से कोई लेना-देना नहीं, तो अपने MP से राज्यसभा उपसभापति का पद छोड़ने को कहें

Sat, 22 Oct 2022 05:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

प्रशांत किशोर और नीतीश कुमार के बीच बहस का यह ताजा मामला है। दोनों एक-दूसरे पर भाजपा से संबंध होने का आरोप लगा रहे हैं।  
विज्ञापन
प्रशांत किशोर - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इन दिनों राज्यव्यापी पदयात्रा पर हैं। इस दौरान वह लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र को निशाना बना रहे हैं। शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री कुमार को चुनौती दी कि वह राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह से अपना पद छोड़ने के लिए कहें। हरिवंश, नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) के सांसद हैं।

विज्ञापन


किशोर ने ट्वीट करते हुए कहा, नीतीश कुमार जी आपका भाजपा/राजग से कोई लेना-देना नहीं है, तो अपने सांसद को राज्यसभा  के उपसभापति का पद छोड़ने के लिए कहें। आपके पास हर समय दोनों रास्ते नहीं हो सकते। 

इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार सत्रह साल से मुख्यमंत्री हैं। इनमें से 14 साल उन्होंने भाजपा के समर्थन के बाद पद को संभाला है। 
विज्ञापन


प्रशांत किशोर और नीतीश कुमार के बीच बहस का यह ताजा मामला है। दोनों एक-दूसरे पर भाजपा से संबंध होने का आरोप लगा रहे हैं। किशोर ने इससे पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि बहुत से लोग खुश हैं कि नीतीश कुमार भाजपा के खिलाफ एक बड़ा राष्ट्रव्यापी गठबंधन बना रहे हैं, लेकिन इस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। 

किशोर ने कहा, जहां तक मुझे पता है..नीतीश कुमार निश्चित रूप से महागठबंधन के साथ हैं, लेकिन उन्होंने भाजपा के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं। सबसे बड़ा सबूत राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश हैं, जो कि जद (यू) से सांसद हैं। उन्होंने न ही पद से इस्तीफ दिया और न ही पार्टी से। 

उन्होंने कहा, यह समझ में नहीं आ रहा है कि अगर वह (नीतीश कुमार) एनडीए गठबंधन छोड़कर चले गए हैं, तो उनका एक सांसद अभी भी राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण पद पर क्यों हैं। जहां तक मुझे मालूम है, नीतीश कुमार के भाजपा के साथ बातचीत के चैनल बंद नहीं हुए हैं। 

नीतीश कुमार ने इसी साल अगस्त में भाजपा के साथ गठबंधन को तोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के साथ फिर से हाथ मिलाकर सरकार बनाई और मुख्यमंत्री बने। कुमार ने यह कहते हुए भाजपा से गठबंधन तोड़ा था कि वह उनकी पार्टी जद(यू) को खत्म करना चाहती थी। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें