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बिहार: दरभंगा में नेशनल हाइवे पर शरण लिए बाढ़ प्रभावितों पर चढ़ा पिकअप वैन, दो की मौत

Tue, 28 Jul 2020 11:07 AM IST
देव कश्यप एएनआई, दरभंगा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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बिहार के 11 जिले इन दिनों बाढ़ से प्रभावित हैं। कई जगहों पर बाढ़ से प्रभावित लोग नेशनल हाइवे के किनारे अस्थाई रूप से तंबू लगाकर जिंदगी काट रहे हैं। इसी बीच मंगलवार को एक अनियंत्रित पिकअप वैन दरभंगा में केवटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाइवे 527 बी पर शरण लेने वाले बाढ़ प्रभावित लोगों पर चढ़ गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। 

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दरभंगा का कुशेश्वरस्थान थाना बना तालाब, पुलिसकर्मी सुविधाओं के मोहताज
वहीं, दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी थाने में भी घुस गया है। मंगलवार को थाना परिसर में भरे पानी में एक सांप तैरता नजर आया, जिससे पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।

थाने के एएसआई मिथलेश सिंह ने बताया कि 'हमने सभी जरूरी कागजातों को जलमग्न होने से बचाने के लिए मेजों पर रखा है। हम नावों का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त के लिए जाते हैं। हमें अभी तक सरकार से नौकाएं नहीं मिली हैं, हम अपने स्वयं के खर्चों पर नाव से गश्त कर रहे हैं। पिछले 3-4 दिनों से यहां बिजली भी नहीं है।

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पुलिस स्टेशन के सभी कमरों में भरा है पानी 
पुलिस स्टेशन के सभी कमरों में पानी भर गया है। मजबूरी का आलम ये कि थाने की पुलिस पानी के बीच काम कर रही है। ऊपर से थाने के कागजात को पानी से बचाना इन्हीं की जिम्मेदारी है। पुलिसकर्मी किसी तरह सांप कीड़े के डर के बीच नौकरी कर रहे हैं।

पुलिसकर्मिोयों की परेशानी बस इतनी ही नहीं है। चारों तरफ पानी होने के कारण इनके पास अपने इलाके में जाने के लिए निजी नाव का सहारा लेना पड़ता है। यही नहीं उनके किराए के पैसे भी अपनी जेब से भरने पड़ते हैं।

एएसआई मिथलेश का बयान सरकार के दावों के पोल खोलने के लिए काफी है, जब थाने वाले को ही जिला प्रशासन की तरफ से सरकारी नाव नहीं दी गई है तो भला पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित लोगों की सुरक्षा करने वाले पुलिस वाले आखिर अपने इलाके कैसे पहुंच पाएंगे।
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