बिहार के छपरा में मिड-डे मील खाने से हुई 25 बच्चों की मौत मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि खाने में कीटनाशक मिला हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल में दोपहर का भोजन बनाने के लिए जिस तेल का इस्तेमाल किया गया था उसमें आर्गेनो फॉस्फोरस के घुले होने का संकेत मिला है। आर्गेनो फॉस्फोरस एक कीटनाशक है।
इससे पहले राज्य के प्रधान सचिव ए के सिन्हा ने भी खाने में तेल की जगह कीटनाशक डाले जाने की आशंका जताई थी।
बच्चों की मौत की जिम्मेदार प्रिंसिपल अभी गिरफ्त से दूर
सिन्हा ने गुरुवार को कहा था कि यह सामान्य फूड प्वॉइजनिंग का मामला नहीं है। बच्चों का खाना बनाते समय बर्तन में तेल की जगह कीटनाशक डल गया था। यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कीटनाशक गलती से डला या जानबूझकर डाला गया।
बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम करने वालों डॉक्टरों ने भी बताया था कि खाने में या फिर तेल में जहर मिलाया गया था।
मधुबनी में मिड-डे मील का कहर, 15 बच्चे बेहोश
गौरतलब है कि इस घटना के बाद राज्य सरकार ने गुरूवार को एक विज्ञापन जारी किया था। इसमें बच्चों को खाना देने से पहले उसकी गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए थे।
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षामंत्री पीके शाही पर इस्तीफे का दबाव बनाया हुआ है।