मौत की सूचना मिलने के बाद रोते-बिलखते परिजन
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बिहार के औरंगाबाद के रफीगंज प्रखंड में कासमा थाना पुलिस ने लोहरा गांव से एक शव बरामद किया है। शव की शिनाख्त लोहरा गांव निवासी मुनेश्वर यादव के बेटे विजय कुमार यादव (32) के रूप में की गई है। मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी ने बताया कि मेरे पति पटना में रहकर फर्नीचर का काम करते हैं। रविवार को वे घर आए थे। सोमवार को सुबह आठ बजे बुधौल गांव निवासी उपेंद्र शर्मा मेरे घर गाड़ी लेकर आए और मेरे पति को साथ लेकर चले गए। जाते समय मेरे पति ने बताया कि औरंगाबाद जमीन लिखवाने जा रहे हैं।
ज्ञानती देवी ने आगे बताया कि करीब शाम सात बजे के आसपास मृतक (विजय यादव) को बड़े भाई राम प्रसाद यादव ने फोन किया तो उन्होंने कहा कि डुमरा मोड़ पर हैं। इसके बाद देर रात पता चला कि उनकी तबीयत काफी खराब है। जब परिजन उन्हें लेकर गुरारू के एक निजी अस्पताल पहुंचे तो वहां के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी और बड़े भाई राम प्रसाद यादव का आरोप है कि उपेंद्र शर्मा ने ही किसी पेय में जहरीला पदार्थ देकर विजय कुमार यादव की हत्या कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही कासमा थानाध्यक्ष मुनेश कुमार और एएसआई अमोद कुमार सदल बल मौके पर पहुंचे। फिर शव को कब्जे में लेकर मंगलवार की दोपहर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल ले गए।
थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। घटना के बाद मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी, 10 साल का बेटा अंकुश कुमार, छह साल की बेटी अंकिता कुमारी और तीन साल के बेटे आयुष कुमार का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला पार्षद प्रदीप चौरसिया, मुखिया प्रतिनिधि इमरान ताहिर और सरपंच प्रतिनिधि बिशुन देव यादव मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने मामले की निष्पक्षतापूर्वक जांच की मांग की है।