विराट शिवलिंग स्थापना दिवस समारोह।
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इस शिवलिंग का महत्व भी समझें
सहस्त्र शिवलिंगम की विशेषता है कि एक ही काले ग्रेनाइट पत्थर से तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाया गया है। इसे बनाने में 10 साल लगे। 1008 शिवलिंग की कलाकृतियां इस विशाल शिवलिंग में दिखाई दे रही हैं, इसलिए इसे सहस्त्र शिवलिंगम का नाम दिया गया है। इसकी लंबाई 33 फीट और गोलाई 33 फीट है। इसका वजह 210 मीट्रिक टन है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इस शिवलिंग पर जलाभिषेक, पूजा-अर्चना करने से 1008 शिवलिंग की पूजा का फल प्राप्ति होगा। मनवांछित फल मिलेगा। माघ की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भगवान शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी, इसी कारण से सहस्त्र शिवलिंगम की पीठ पूजन स्थापना आज की गई है।
सीएम नीतीश कुमार ने भी विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग का दर्शन किया।
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स्थापना दिवस समारोह के लिए थी अलग व्यवस्था
मोतिहारी पुलिस ने जाम की स्थिति और श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, हालांकि उमड़ी भीड़ के कारण जाम फिर भी दिखा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर सात प्रमुख ड्रॉप गेट बनाए गए थे। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बैरिकेटिंग की गई थी। कार्यक्रम स्थल तक सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक टीमों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा था कि वे यातायात नियमों का पालन करें, जिससे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके।