जागरूकता दौड़ में शामिल बिहार के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
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हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर का विशेष महत्व
प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. यूसी शामल ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव के साथ-साथ हार्ट अटैक के दौरान गोल्डन ऑवर का विशेष महत्व है। मरीज को समय पर ऐसे अस्पताल पहुंचाना जरूरी है, जहां हृदय रोग विशेषज्ञ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि गंभीर हार्ट अटैक के मामलों में भी समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है और हृदय को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। जागरूकता कार्यक्रम में मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर CPR देने की अहमियत पर भी जोर दिया गया।
वर्ल्ड हार्ट डे पर गांधी मैदान में कार्यक्रम।
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खान-पान और बीपी-शुगर पर नियंत्रण जरूरी
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि 'हार्ट की सुरक्षा, सबकी सुरक्षा' के संदेश को दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने खान-पान में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम रखने तथा डायबिटीज और हाइपरटेंशन से बचाव पर जोर दिया। डॉ. विपिन कुमार रूजन ने कहा कि हृदय रोगों के उपचार और प्रबंधन में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के जरिए लगातार नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। हालांकि, बीमारी होने के बाद इलाज कराने के बजाय हृदय रोगों से बचाव पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. चंद्र केतु, डॉ. लक्ष्मी सिन्हा, डॉ. हितेश आर., डॉ. विनय कुमार यादव, डॉ. आसिम सोहेल, डॉ. बलराम कुमार मौर्य, डॉ. सात्विक शुक्ला, डॉ. निधि मुखी, डॉ. मोनिका झा, हर्षिका मृणाल, द्रवेश झा और राजीव रंजन समेत कई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। पूर्व एमएलसी डॉ. दीपक ठाकुर ने भी जागरूकता दौड़ में हिस्सा लिया।