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बिहार: पटना के हृदय रोग विशेषज्ञों ने बताया अपने दिल का कैसे रखें ख्याल, हार्ट अटैक आने पर कैसे बचाएं जान?

Wed, 30 Sep 2026 11:17 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

सीएसआई बिहार चैप्टर के सचिव डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि तनाव, स्ट्रेन और स्ट्रेस से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। खासकर युवा और Gen-Z वर्ग पढ़ाई, करियर और नौकरी से जुड़े दबाव के कारण तनाव में रहते हैं। तनाव को नियंत्रित करना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
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वर्ल्ड हार्ट डे पर गांधी मैदान में कार्यक्रम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व हृदय दिवस के मौके पर मंगलवार को कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI) बिहार चैप्टर की ओर से हृदय रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया। दौड़ की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई और प्रतिभागी गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति तक पहुंचे। इस दौरान मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे लोगों से चिकित्सकों ने बातचीत कर हृदय को स्वस्थ रखने और हृदय रोग के लक्षणों की पहचान को लेकर जानकारी दी। जागरूकता दौड़ में शहर के करीब 50 चिकित्सकों के साथ एम्स पटना की पूरी टीम, कार्डियोलॉजिस्ट, मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और फार्माकोलॉजी से जुड़े लोग शामिल हुए। कई लोगों ने चिकित्सकों से हृदय रोग से संबंधित सवाल पूछे और बचाव के उपायों की जानकारी ली।
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इस साल का थीम क्या है?
सीएसआई बिहार चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि हर साल वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन और WHO की ओर से विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी थीम 'Don't Miss a Beat' है। इसके जरिए लोगों को हृदय रोग के लक्षणों को समय रहते पहचानने, बीमारी से बचाव के लिए सक्रिय कदम उठाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया। उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, दिल की धड़कन बढ़ना, सांस लेने में परेशानी और कुछ समय के लिए बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण सामने आने पर समय पर जांच कराकर चिकित्सक या विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

जागरूकता दौड़ में शामिल बिहार के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ भी शामिल हुए। - फोटो : अमर उजाला
हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर का विशेष महत्व
प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. यूसी शामल ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव के साथ-साथ हार्ट अटैक के दौरान गोल्डन ऑवर का विशेष महत्व है। मरीज को समय पर ऐसे अस्पताल पहुंचाना जरूरी है, जहां हृदय रोग विशेषज्ञ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि गंभीर हार्ट अटैक के मामलों में भी समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है और हृदय को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। जागरूकता कार्यक्रम में मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर CPR देने की अहमियत पर भी जोर दिया गया।
 
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वर्ल्ड हार्ट डे पर गांधी मैदान में कार्यक्रम। - फोटो : अमर उजाला
खान-पान और बीपी-शुगर पर नियंत्रण जरूरी
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि 'हार्ट की सुरक्षा, सबकी सुरक्षा' के संदेश को दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने खान-पान में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम रखने तथा डायबिटीज और हाइपरटेंशन से बचाव पर जोर दिया। डॉ. विपिन कुमार रूजन ने कहा कि हृदय रोगों के उपचार और प्रबंधन में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के जरिए लगातार नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। हालांकि, बीमारी होने के बाद इलाज कराने के बजाय हृदय रोगों से बचाव पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. चंद्र केतु, डॉ. लक्ष्मी सिन्हा, डॉ. हितेश आर., डॉ. विनय कुमार यादव, डॉ. आसिम सोहेल, डॉ. बलराम कुमार मौर्य, डॉ. सात्विक शुक्ला, डॉ. निधि मुखी, डॉ. मोनिका झा, हर्षिका मृणाल, द्रवेश झा और राजीव रंजन समेत कई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। पूर्व एमएलसी डॉ. दीपक ठाकुर ने भी जागरूकता दौड़ में हिस्सा लिया।
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