विधान परिषद् में फिर भिड़ गए अशोक चौधरी और सुनील सिंह
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अभी एक सप्ताह पहले ही बिहार की नीतीश कुमार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की सेवा ज्वाइन की है। इस ज्वाइनिंग के बाद वह मंत्री रहेंगे या पद छोड़ेंगे, इस बारे में 'अमर उजाला' की अलग खबर है। फिलहाल खबर यह है कि उनकी डिग्री को नकली बताते हुए बिहार विधान परिषद् के सदस्य सुनील कुमार सिंह ने मंत्री को सीधे कई बातें कह दीं। इसके बाद मंत्री अशोक चौधरी हत्थे से उखड़ गए। सीधी चुनौती दी कि या तो डिग्री को फर्जी साबित करें या सदन से इस्तीफा दें।
दरअसल, आज विधान परिषद में एमएलसी महेश्वर सिंह ने पैक्स की ओर से बहाना बनाकर किसानों से धान नहीं खरीदे जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद बाकी हैं,किसानों से पैक्स धान नहीं खरीद रहा। उन्होंने एक क्विंटल चावल में पांच प्रतिशत चावल लेने का सवाल उठाया। जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार से इस मामले पर बातचीत हुई। जहां एक क्विंटल में पांच प्रतिशत चावल निकालने का सवाल है तो इसकी गंभीरता से जांच करवाई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसानों के हित का पूरा ध्यान रख रही है।
सुनील सिंह पर तंज कसते हुए क्या कहा?
मंत्री अशोक चौधरी ने एमएलसी सुनील सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि जहां पर कुछ लोगों कहते हैं कि जो लोग कहते हैं कि किसानों को 45 दिन तक पेंमेंट नहीं आता है तो उनके बता दूं कि धान खरीद के किसानों के खाते में 90 प्रतिशत तक भुगतान करते हैं। हमलोग 48 घंटे के अंदर डीबीटी के जरिए पैसा भेज देते हैं। अशोक चौधरी ने कहा कि 15 साल पहले क्या होता था? यह सब जानते हैं, जो लोग पूरक प्रश्न पूछ रहे हैं, उन्हें तो ज्ञान ही नहीं था कि कैसे क्या होता था। तब तो धान का प्रोक्योरमेंट ही नहीं होता था। अब पुरानी व्यवस्था नहीं रह गई। सीएम नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में यह सब व्यवस्था की।
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चिल्लाते हुए क्या बोले अशोक चौधरी?
इसके बाद एमएलसी सुनील कुमार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो दूसरे के ज्ञान पर सवाल उठाते हैं तो हम उनको बता दे कि हम भी जानते हैं कि उन्होंने फर्जी डिग्री कैसे ली। इतना सुनते ही अशोक चौधरी भड़क गए। उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि सुनील सिंह मेरी डिग्री को फर्जी साबित करें नहीं तो वह विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि मैं सारा खुलासा कर दूंगा। आपकी डिग्री की सारी सच्चाई सामने ला दूंगा। मुझे पता है कि अशोक कुमार कौन है और अशोक चौधरी कौन है? इस पर अशोक चौधरी ने कहा कि आपको लाना ही चाहिए। आप सदन में साबित करें नहीं तो फौरन इस्तीफा दें। इसके बाद सभापति ने इस मामले को शांत करवाया। कुछ देर बाद मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सदन से कहा कि बिना तथ्य के कोई भी किसी पर आरोप नहीं लगाए। चाहे वह पक्ष के हो या विपक्ष के हों, किसी भी नेता को बिना साक्ष्य के किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए।