पटना कांग्रेस कार्यालय में हुआ बवाल
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बिहार कांग्रेस के नए प्रभारी नियुक्त किए गए भक्त चरण दास को अपने पहले ही दौरे में गुटबाजी का सामना करना पड़ा। पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भक्त की मौजूदगी में ही अलग-अलग गुटों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच कुर्सियां फेंकने की नौबत तक आ गई। जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई।
हंगामा कर रहे पूर्व विधान पार्षद को हटाने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा पर आरोप लगा चर्चे में आए पूर्व विधायक भरत सिंह ने भी बिहार प्रभारी से मुलाकात की।
सदाकत आश्रम पहुंचे भक्त चरण दास ने सोमवार को कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं से मुलाकात की। इन नेताओं में नाराज खेमे के भी थे। उनसे मिलने वाले ज्यादातर नेताओं ने पूर्व पार्टी प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल और पार्टी के वरिष्ठ नेता अखिलेश सिंह पर चुनाव में टिकट बेचने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन नेताओं ने चुनाव में पार्टी की हार के लिए भी इन्हीं नेताओं और समर्थकों को जिम्मेदार बताया। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठक हुई।
बाद में दास ने कहा कि बिहार में मध्यावधि चुनाव की कोई आशंका नहीं दिख रही है लेकिन नीतीश कुमार को अपनी समीक्षा करने का सुझाव दे दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कितने धर्मनिरपेक्ष बचे हैं, इसकी समीक्षा उन्हें खुद करनी चाहिए। कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर उन्होंने कहा कि सबकी बात सुनी जाएगी। पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
वहीं पार्टी प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने बताया कि दास तीन दिवसीय दौर पर पटना आए हैं। इस दौरान वह पार्टी नेताओं के साथ कई बैठकें लेंगे। इसमें पार्टी की वर्किंग कमेटी, एडवाइजरी कमेटी की बैठकों के साथ प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों और बड़े नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकात भी शामिल है।